राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 80वें स्वतंत्रता दिवस पर महत्वपूर्ण संबोधन: सुरक्षा, विकास और युवा शक्ति पर जोर
राष्ट्रपति का संबोधन
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने सुरक्षा, विकास और युवा शक्ति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सटीक और निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम है।
'ऑपरेशन सिंदूर' और सिंधु जल संधि पर बयान
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंक को समर्थन देने वाले देशों के खिलाफ भारत अब और अधिक कठोर रुख अपनाएगा।
उन्होंने सिंधु जल संधि को निलंबित करने के निर्णय का भी उल्लेख किया। राष्ट्रपति ने कहा, "आतंकवाद को समर्थन देने वाले देश के साथ इस संधि को रोकना हमारे राष्ट्रीय हित में है। यह कदम विशेष रूप से हमारे किसानों के लिए आवश्यक था।"
गरीबी और खाद्य सुरक्षा में उपलब्धियां
पिछले 10 वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि समावेशी विकास के कारण 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल चुके हैं। उन्होंने 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन देने वाली योजना को भी सफल बताया। "इस कार्यक्रम ने देश में खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया है। अब कोई भी भूखा नहीं सोता, यह हमारी प्राथमिकता है।"
डिजिटल और आर्थिक मोर्चे पर भारत की प्रगति
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आज दुनिया के आधे से अधिक रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन भारत में होते हैं। यह भारत की तकनीकी ताकत को दर्शाता है। वैश्विक युद्ध और अस्थिरता के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था औसत वैश्विक विकास दर से दोगुनी गति से बढ़ रही है। उन्होंने इसे भारत की मजबूत नीतियों और लोगों की मेहनत का परिणाम बताया।
नक्सलवाद पर विजय और बस्तर का विकास
राष्ट्रपति ने नक्सल-मुक्त भारत की दिशा में हुई प्रगति को एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में विकास की गति तेज हो गई है और वहां सांस्कृतिक भागीदारी भी बढ़ रही है। "बंदूक की जगह अब कलम और विकास ने ले ली है।"
युवाओं और न्याय व्यवस्था पर ध्यान
भाषण में राष्ट्रपति ने युवाओं की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि हाल ही में 28 साल की औसत उम्र वाली टीम द्वारा सफल अंतरिक्ष रॉकेट लॉन्च, देश के युवाओं की ताकत को दर्शाता है।
न्याय व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हर न्यायिक अधिकारी का कर्तव्य है कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और नकल पर रोक लगाने के लिए भी बड़े कदम उठा रही है।
अंत में, राष्ट्रपति मुर्मू ने सभी देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि आने वाला वर्ष देश के लिए नई उपलब्धियों का होगा।
