राष्ट्रपति मुर्मू का स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों और सुरक्षा पर जोर
राष्ट्रपति का संबोधन: परीक्षा प्रणाली में सुधार
स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को देशवासियों को संबोधित किया। अपने भाषण में, उन्होंने बताया कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य अनुचित साधनों के उपयोग को रोकना और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनाना है। यह बयान छात्रों और जेन-जी आंदोलन के बाद आया है, जिसमें छात्रों ने परीक्षा में धांधली के खिलाफ आवाज उठाई थी।
छात्रों के भविष्य की सुरक्षा पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सरकार और समाज एकजुट होते हैं, उसी तरह छात्रों के वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा, 'सार्वजनिक परीक्षाएं विद्यार्थियों के लिए अवसरों के द्वार खोलती हैं। इसलिए, सरकार इन परीक्षाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों का उपयोग पूरी तरह से रोका जाए और परीक्षा प्रणाली और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बने।'
खेल और युवा: राष्ट्र निर्माण का आधार
खेल राष्ट्र निर्माण का अहम जरिया
राष्ट्रपति ने कहा कि युवाओं की शारीरिक और मानसिक सेहत देश के भविष्य की नींव है। युवाओं को प्रेरित करने की जिम्मेदारी परिवारों और समाज की है। उन्होंने यह भी बताया कि युवा अब नौकरी खोजने के बजाय नौकरी पैदा करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। राष्ट्रपति ने 'खेलो इंडिया' का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल युवाओं के विकास और राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण साधन है।
आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश
आतंक के मददगारों को अंजाम भुगतना होगा
अपने संबोधन में, राष्ट्रपति मुर्मू ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख किया और सशस्त्र बलों की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने आतंकवाद विरोधी अभियानों में देश की क्षमता को प्रदर्शित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवादी और उनके सहयोगी चाहे कहीं भी हों, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे। राष्ट्रपति ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने के निर्णय की सराहना की और इसे देश और किसानों के हित में उठाया गया कदम बताया।
नक्सलवाद पर विजय: एक बड़ी उपलब्धि
भारत का नक्सल मुक्त होना बड़ी उपलब्धि
राष्ट्रपति ने कहा, 'दशकों तक नक्सलवाद देश के लिए एक गंभीर चुनौती बना रहा। भारत को नक्सल-मुक्त बनाना एक बड़ी उपलब्धि है। जो क्षेत्र कभी नक्सलवाद से प्रभावित थे, आज वहां उत्साह का माहौल है।' उन्होंने समय पर न्याय पर जोर देते हुए कहा कि हर नागरिक, विशेषकर वंचित वर्गों के लोगों को समानता के आधार पर सम्मान और समय पर न्याय मिलना चाहिए।
