राहुल गांधी और खरगे ने राम मंदिर चंदा चोरी की स्वतंत्र जांच की मांग की
प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर स्वतंत्र जांच की अपील की है। राहुल गांधी ने कहा कि ट्रस्ट के सभी सदस्यों का चयन आपकी सरकार ने किया था। उन्होंने यह भी कहा कि इस चंदा चोरी पर आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है। श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना और जवाबदेही तय करना आपकी जिम्मेदारी है।
राहुल गांधी का ट्वीट
राहुल गांधी ने एक्स पर पत्र साझा करते हुए लिखा, 'प्रधानमंत्री जी, श्री राम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी मेहनत की कमाई अर्पित की है। वहां हुई चंदा चोरी अब किसी से छुपी नहीं है। ट्रस्ट के सभी सदस्यों का चयन आपकी सरकार ने किया था। इस चंदा चोरी पर आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है। तुरंत स्वतंत्र जांच कराइए, सभी विवरण सार्वजनिक कीजिए और दोषियों को कानून के सामने लाइए। आपकी सरकार की विश्वसनीयता अब आपकी कार्रवाई पर निर्भर करती है।'
18 जुलाई को भेजा गया पत्र
18 जुलाई को भेजे गए पत्र में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के हस्ताक्षर हैं। इसमें लिखा गया है, 'माननीय प्रधानमंत्री जी, आप श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हजारों करोड़ रुपये की चोरी के बारे में जानते हैं। जिन लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था और भरोसे के साथ अपनी मेहनत की कमाई दान की थी, वे इस चोरी से ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।'
ट्रस्ट के सदस्यों की नियुक्ति
पत्र में आगे कहा गया है, 'आपने भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी, लेकिन इसके सदस्यों की नियुक्ति पूरी तरह से आपकी सरकार ने की। यह स्पष्ट है कि ट्रस्ट के सदस्य आरएसएस, वीएचपी और उनसे जुड़े संगठनों से जुड़े हुए हैं। ऐसे गंभीर मामले में आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है। जवाबदेही तय करना और नुकसान की भरपाई करना आपका कर्तव्य है।'
जनता की निगाहें
पत्र में यह भी कहा गया कि हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप तुरंत ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र और व्यापक जांच का आदेश दें, जिसमें नकद, सोना और चांदी जैसे सभी चढ़ावों का प्रबंधन शामिल हो। जांच के परिणाम और ट्रस्ट के खाते सार्वजनिक किए जाने चाहिए ताकि हर श्रद्धालु को पता चल सके कि उनके चढ़ावे का किस तरह उपयोग किया गया है। जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार पाए जाएं, उनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए, चाहे उनका पद या प्रभाव कुछ भी हो। आपकी सरकार और ट्रस्ट की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितनी पारदर्शिता और तेजी से कार्रवाई करते हैं। भारत की जनता सब देख रही है।
