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राहुल गांधी का छात्रों के लिए संघर्ष: पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पीएम आवास के बाहर छात्रों के अधिकारों के लिए प्रदर्शन किया, जिसमें उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया। राहुल ने कहा कि यह लड़ाई रुकेगी नहीं। जानें इस घटना के बारे में और क्या कहा उन्होंने।
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राहुल गांधी ने कहा- छात्रों के इंसाफ की यह लड़ाई रुकेगी नहीं


नई दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य नेताओं ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। सभी नेताओं को एक बस में बैठाकर प्रदर्शन स्थल से दूर ले जाया गया।


हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा, "मोदी जी, आप जितनी भी ताकत लगा लें, छात्रों के इंसाफ की यह लड़ाई अब रुकेगी नहीं।" सभी नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम में रखा गया और लगभग तीन घंटे बाद रात 9:45 बजे रिहा कर दिया गया। प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया, जहां सोनिया गांधी उनसे मिलने पहुंचीं।


प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग और नारेबाजी

राहुल गांधी ने कहा, "गिरफ्तार करो, जेल में डालो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मोदी सरकार की सत्ता की ताकत से बड़ी हमारी सत्याग्रह की शक्ति है।" कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए धरना दिया और नारे लगाए, "प्रधानमंत्री इस्तीफा दो, गुंडागर्दी नहीं चलेगी और छात्रों को न्याय दो।"


धरना शुरू होने के कुछ समय बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। इससे पहले, लोकसभा सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल और अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया।


जितेंद्र सिंह का बयान- राहुल अपनी बात से मुकर गए

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन पीएम आवास के पास पहुंचे और राहुल गांधी से लगभग 20 मिनट बात की। इसके बाद जितेंद्र सिंह गृह मंत्री अमित शाह से मिले।


सोशल मीडिया पर जितेंद्र सिंह ने बताया कि राहुल गांधी की मांग थी कि नीट पर संसद में चर्चा हो। यह मांग मान ली गई थी, लेकिन राहुल ने अपनी बात से मुकरते हुए कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं: पहली, नीट पर संसद में चर्चा, और दूसरी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।