राहुल गांधी का पुलिस स्टेशन दौरा: पैलेट गन मामले में क्या है सच?
नई दिल्ली में CJP आंदोलन का मामला फिर से गरमाया
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए CJP आंदोलन में पैलेट गन के उपयोग का मामला एक बार फिर चर्चा में है। कांग्रेस के नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे। उनके साथ 19 वर्षीय साहिल लोचाब भी थे, जो इस घटना में घायल होने का दावा कर रहे हैं। राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच और एफआईआर दर्ज न होने के बारे में जानकारी मांगी।
राहुल गांधी का दौरा और साहिल का आरोप
राहुल गांधी का यह दौरा पैलेट गन के मामले में चल रही जांच की प्रगति जानने के लिए था। उन्होंने डीसीपी कार्यालय में जाकर यह जानने की कोशिश की कि पुलिस जांच किस चरण में है। कांग्रेस नेता ने यह भी पूछा कि घटना के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं और जांच में अब तक क्या जानकारी मिली है।
साहिल लोचाब का साथ
इस दौरे में खास बात यह रही कि साहिल लोचाब भी राहुल के साथ थे। साहिल का कहना है कि आंदोलन के दौरान उन्हें पैलेट गन से चोटें आई थीं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, साहिल पहले अपने वकीलों के साथ पुलिस थाने गए थे और उन्होंने घटना की लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शिकायत की सूचना संख्या देने से मना कर दिया।
जानकारी के लिए ईमेल और फोन का सहारा
साहिल ने 17 अगस्त को ईमेल और फोन के माध्यम से अपनी शिकायत की सूचना संख्या के बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। राहुल गांधी का पुलिस अधिकारियों से मिलने जाना इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जानना चाहते हैं कि पुलिस जांच में क्या प्रगति हुई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
CJP आंदोलन पर बढ़ी चर्चा
राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने पहुंचने के बाद जंतर-मंतर पर हुए CJP आंदोलन और पैलेट गन के कथित उपयोग का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। फिलहाल पुलिस की जांच के परिणाम और इस मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि वह थोड़ी देर बाद इस मुद्दे पर मीडिया से भी बात करेंगे। अब सभी की नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच से मिलने वाली जानकारी पर है।
