राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र संगठनों की अनुपस्थिति पर सवाल
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र संगठनों की अनुपस्थिति
यह एक दिलचस्प स्थिति है कि शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जंतर मंतर पर चल रहे धरने के समाप्त होने से पहले राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान सीपीआई माले के छात्र संगठन आइसा के तीन सदस्य मंच पर उपस्थित थे। सवाल यह उठता है कि कांग्रेस का अपना छात्र संगठन, जिसका बड़ा कार्यालय रायसीना रोड पर है, उसके सदस्य राहुल के साथ क्यों नहीं थे? यह ध्यान देने योग्य है कि आइसा की छात्र नेताओं ने जंतर मंतर पर भूख हड़ताल की थी, जो लगभग 21 दिन तक चली।
इस मामले में दो बातें महत्वपूर्ण हैं। पहली यह कि कांग्रेस का छात्र संगठन इस आंदोलन से पूरी तरह अनुपस्थित रहा। उन्होंने न तो कोई प्रोटेस्ट किया और न ही भूख हड़ताल का आयोजन किया। दूसरी बात यह है कि जंतर मंतर पर तीनों कम्युनिस्ट पार्टियों के छात्र संगठनों ने भाग लिया, लेकिन राहुल के मंच पर आइसा की छात्राओं को स्थान मिला। क्या यह सीपीआई माले के नेता दीपांकर भट्टाचार्य के साथ राहुल की निकटता से जुड़ा है? यह भी ध्यान देने योग्य है कि सीताराम येचुरी के निधन के बाद, दीपांकर भट्टाचार्य राहुल के सबसे करीबी कम्युनिस्ट नेता बन गए हैं।
राहुल गांधी ने गुरुवार को भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र साहिल को मीडिया के सामने पेश किया था। साहिल 20 जुलाई को प्रदर्शन में घायल हुआ था। इस दिन एनएसयूआई के किसी छात्र नेता को चोट नहीं आई, जिसे राहुल मंच पर पेश कर सकें। फिर भी, राहुल गांधी को आंदोलन का पूरा श्रेय चाहिए!
