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राहुल गांधी की विदेश नीति पर मोदी को घेरने की कोशिश, बीजेपी का पलटवार

राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई। उन्होंने कहा कि मोदी की विदेश नीति केवल नेताओं को गले लगाने तक सीमित है। इस पर बीजेपी ने इंदिरा गांधी और क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो के गले मिलने का वीडियो साझा कर पलटवार किया। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे की राजनीति।
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राहुल गांधी का हमला

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले कर रहे हैं। हाल ही में, उन्होंने मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए। रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए, राहुल ने कहा कि मोदी की विदेश नीति केवल नेताओं को गले लगाने तक सीमित है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझ से परे है कि विदेश नीति का अर्थ केवल गले मिलना है। इस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने जवाबी कार्रवाई की।


बीजेपी के कई नेताओं ने राहुल गांधी की दादी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो के गले मिलने का एक वीडियो साझा किया। हालांकि, अमित मालवीय ने बाद में इस वीडियो को हटा दिया। यह वीडियो बीजेपी समर्थकों द्वारा राहुल गांधी को जवाब देने के लिए साझा किया गया है और अब यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।


राहुल गांधी का मंच पर गले लगाना

जब राहुल गांधी मंच पर अपनी बात रख रहे थे, तब उन्होंने मोदी की विदेश नीति का मजाक उड़ाते हुए कहा कि यह केवल गले मिलने तक सीमित है। इसी दौरान, उन्होंने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को भी गले लगाया, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।



फिदेल कास्त्रो और इंदिरा गांधी की मुलाकात

फिदेल कास्त्रो, जो क्यूबा के क्रांतिकारी नेता थे, का निधन 25 नवंबर 2016 को हुआ। वह 1976 से 2008 तक क्यूबा के राष्ट्रपति रहे और इंदिरा गांधी के करीबी मित्र थे।


वायरल वीडियो 1983 में दिल्ली में आयोजित नॉन अलाइनड समिट का है, जिसमें लगभग 100 देशों के नेता शामिल हुए थे। यह सम्मेलन विज्ञान भवन में हुआ था। कास्त्रो ने इंदिरा गांधी को सम्मेलन का हथौड़ा सौंपते समय उन्हें अपनी 'बहन' कहा और गले लगाया। यह कास्त्रो का भारत का अंतिम दौरा था।