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राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में हंगामा, मंत्री गोयल ने की निंदा

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान ने लोकसभा में हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर छात्रों पर गोली चलाई गई। इस पर मंत्री पीयूष गोयल ने निंदा की और माफी की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी राहुल के बयान को गलत बताया। सदन में भारी हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। जानें इस विवाद की पूरी कहानी।
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सदन में हंगामा

कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान ने सदन में हंगामे को जन्म दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाई गई। इस पर मंत्री पीयूष गोयल ने न केवल राहुल गांधी की निंदा की, बल्कि उनसे माफी की भी मांग की। गोयल ने कहा कि राहुल का बयान पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठा है, और प्रदर्शन के दौरान कोई गोलीबारी नहीं हुई।


संसदीय कार्य मंत्री की आपत्ति

राहुल गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने किस आधार पर एक जिम्मेदार व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाया है, या फिर उन्हें माफी मांगनी चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के किसी पर आरोप नहीं लगाया जा सकता। भारी हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर तीन बजे तक स्थगित करना पड़ा।


'फायरिंग नहीं हुई तो आरोप क्यों'

'जब कोई फायरिंग हुई ही नहीं तो'


केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'विपक्ष के नेता का सदन में ऐसा बेबुनियाद और झूठा बयान देना, बिना किसी फायरिंग के ऐसा निराधार आरोप लगाना... इसकी मैं घोर निंदा करता हूं। मेरा मानना ​​है कि राहुल गांधी के पास कुछ बोलने को नहीं है। हमने देखा कि एक घंटे तक उन्होंने बिल या बहस से जुड़े किसी भी विषय पर एक शब्द भी नहीं बोला। उनका बयान झूठ का पुलिंदा है। आज उनकी हताशा साफ दिख रही है। यह हताशा इस बात से है कि सरकार ने बच्चों की परवाह की और उनके प्रति बहुत संवेदनशीलता से व्यवहार किया।'


रिजिजू ने भी राहुल को घेरा

किरेन रिजिजू ने भी राहुल गांधी को घेरा


किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी का बयान गलत है। यह विशेषाधिकार का हनन है। उन्हें सदन से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि किस आधार पर आरोप लगाया गया कि गृह मंत्री ने गोली चलाने का आदेश दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने एक असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया। इस पर आपत्ति जताई गई है। हम उन्हें सुनने को तैयार हैं, लेकिन भावुक चेहरा दिखाकर सदन को गुमराह नहीं कर सकते।


सदन में हंगामा जारी

इस बीच, सत्तापक्ष के सदस्यों ने 'राहुल गांधी माफी मांगो' के नारे लगाए। इसके जवाब में कांग्रेस सांसदों ने 'एलओपी को बोलने दो' और 'गृह मंत्री जवाब दो' के नारे लगाए। लोकसभा में भारी हंगामे के बाद गतिरोध की स्थिति बनी रही।


दरअसल, राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में छात्रों के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि गृह मंत्री में यहां आकर बैठने का साहस नहीं है। वे आज यहां इसलिए नहीं हैं, क्योंकि वे डरे हुए हैं। इसके बाद उन्होंने गृह मंत्री पर छात्रों पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उनके इसी बयान पर जमकर हंगामा हुआ।