Newzfatafatlogo

राहुल गांधी ने UPI चार्ज पर मोदी सरकार को घेरा

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने UPI के नए चार्ज फ्रेमवर्क पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। उन्होंने इसे UPI टैक्स करार देते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए मोदी पर कटाक्ष किया और कहा कि वह डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुक गए हैं। नए नियमों के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट लेन-देन पर MDR लागू होगा, जबकि छोटे व्यवसायों के लिए जीरो MDR व्यवस्था बनी रहेगी।
 | 

राहुल गांधी का आरोप

कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने UPI के नए चार्ज फ्रेमवर्क पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। उन्होंने सरकार से इस नए नियम को वापस लेने की अपील करते हुए इसे UPI टैक्स करार दिया। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही है और इसके परिणामस्वरूप भारतीय नागरिकों पर बोझ बढ़ सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) कोई टैक्स नहीं है और इसे सीधे ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा।


इंदिरा गांधी का उदाहरण

राहुल गांधी ने एक वीडियो में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि मोदी न तो बाएं हैं और न ही दाएं, बल्कि उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकने का निर्णय लिया है।


राहुल गांधी का पूरा बयान

राहुल गांधी का पूरा बयान


राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी से अमेरिका के सामने 'झुकना बंद करने, साहस दिखाने, और UPI टैक्स को वापस लेने' का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'एक बार इंदिरा गांधी जी से पूछा गया था कि क्या वह लेफ्ट या राइट की ओर झुकाव रखती हैं। उनका उत्तर था कि मैं न लेफ्ट हूं, न राइट, मैं सीधे खड़ी रहती हूं। मोदी जी की सोच बिल्कुल भिन्न है। वह न लेफ्ट हैं, न राइट, बल्कि उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकने का निर्णय लिया है।'


नए UPI फ्रेमवर्क के नियम

2 हजार से ज्यादा के मर्चेंट भुगतान पर MDR


नए UPI फ्रेमवर्क के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI लेन-देन पर 0.4% MDR लागू किया जाएगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेन-देन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन निर्धारित की गई है। यह नियम 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। वहीं, व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI भुगतान पर कोई MDR नहीं लगेगा।


सरकार का स्पष्टीकरण

सरकार के अनुसार, 2,000 रुपये तक के मर्चेंट भुगतान और छोटे व्यवसायों के लिए जीरो MDR व्यवस्था बनी रहेगी। इससे लगभग 96% मर्चेंट UPI लेन-देन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार ने यह भी बताया कि MDR भुगतान व्यवस्था से संबंधित बैंकों और अन्य भागीदारों के बीच बांटा जाएगा।