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राहुल गांधी ने कोटा में शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

राजस्थान के कोटा में आयोजित 'छात्रों की गूंज' महारैली में राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रणाली छात्रों पर अत्यधिक दबाव डालती है, जिससे आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं। राहुल ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम राजनीतिक नहीं है, बल्कि युवाओं की समस्याओं पर केंद्रित है। उन्होंने शिक्षा बजट और रोजगार के अवसरों पर भी चिंता जताई, यह बताते हुए कि केवल कुछ ही छात्र स्थायी रोजगार प्राप्त कर पाते हैं।
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राहुल गांधी ने कोटा में शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए राहुल गांधी

कोटा, राजस्थान में 'छात्रों की गूंज' महारैली के दौरान, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की शिक्षा प्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था के कारण छात्रों को आत्महत्या करने की नौबत आ रही है। यह व्यवस्था बच्चों पर अत्यधिक दबाव डालती है, जिससे उन्हें तनाव और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति देश के लिए उचित नहीं है।


राजनीतिक नहीं, युवा मुद्दों पर चर्चा

राहुल गांधी ने मंच पर पांच छात्रों से बातचीत की और स्पष्ट किया कि यह महारैली किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि आज की चर्चा का केंद्र केवल युवाओं और उनकी समस्याओं पर होगा, न कि बीजेपी या कांग्रेस की राजनीति पर।


युवाओं के भविष्य पर चिंता

राहुल ने कहा, 'यहां आकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है। मेरा उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि यह बैठक आपके भविष्य के बारे में है।' उन्होंने यह भी कहा कि वह राजनीति के शब्दों का उपयोग नहीं करेंगे और आज की शाम युवाओं के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगी।


भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र

राहुल गांधी ने अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4,000 किलोमीटर की यात्रा की। इस दौरान उन्हें लाखों युवा मिले और उन्होंने उनसे एक ही सवाल पूछा: 'आप क्या बनना चाहते हैं?' उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा पांच ही जवाब मिले: इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, आईएएस और फोर्स।


शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता

राहुल ने कहा कि यह सोचने का समय है कि भारत की शिक्षा प्रणाली क्यों केवल पांच विकल्प देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था बच्चों पर अत्यधिक दबाव डालती है और यह स्थिति देश के लिए सही नहीं है।


शिक्षा बजट पर गंभीर सवाल

राहुल गांधी ने यह भी बताया कि नीट परीक्षा में 22 लाख छात्रों के परिवारों से हर साल 1.32 लाख करोड़ रुपये वसूले जाते हैं, जो कि सरकार के शिक्षा बजट के बराबर है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है और शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है।


उगाही का सिस्टम

राहुल ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि 1,000 बच्चे इस प्रणाली में प्रवेश करते हैं, तो केवल 12 को ही स्थायी रोजगार मिलेगा। उन्होंने इसे 'उगाही का सिस्टम' करार दिया और कहा कि यह युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।


रिजेक्शन सिस्टम की आलोचना

राहुल गांधी ने कहा कि इस बैठक में 3,000 छात्रों में से केवल 1 आईएएस बनेगा और 30 छात्र आईआईटी में जाएंगे। उन्होंने इसे 'रिजेक्शन सिस्टम' बताया, जो कि देश के युवाओं के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।