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राहुल गांधी ने चुनाव आयोग विवाद पर CEC के इस्तीफे की मांग की

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद बढ़ाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी CEC को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो CJP देशव्यापी आंदोलन की योजना बना रही है। जानें इस राजनीतिक घमासान के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
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राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला


राहुल गांधी ने चुनाव आयोग विवाद पर बयान दिया: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए और कहा कि CEC को इस मामले में गवाह बनना चाहिए। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी CEC ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।


राहुल गांधी की CEC के खिलाफ मांग

राहुल गांधी ने SIR के संदर्भ में निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं और CEC को अपने पद से हटकर गवाह बनना चाहिए। राहुल ने यह भी कहा कि यदि वोटिंग प्रक्रिया समाप्त हो जाती है, तो संविधान भी समाप्त हो जाएगा और निर्वाचन संस्था का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। यह केवल वोटिंग पर नहीं, बल्कि हर नागरिक की अभिव्यक्ति पर हमला है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पिछले कई चुनावों में धांधली हुई है।


10 महीने में 14 लिखित आपत्तियों का मामला

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। रिपोर्ट में मतदाता नाम जोड़ने और हटाने, Form-6 में बदलाव, मतदाता सूची से संबंधित अपील और चुनावी डेटा के केंद्रीकरण जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया है। दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ मामलों में यह सवाल उठाया कि महत्वपूर्ण निर्णयों और बदलावों के संबंध में उन्हें पर्याप्त जानकारी या परामर्श नहीं दिया गया। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इस रिपोर्ट की व्याख्या से असहमति जताते हुए कहा कि संबंधित टिप्पणियां और सुझाव आंतरिक जांच और निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा थे।


CJP का 48 घंटे का अल्टीमेटम

इसी विवाद के बीच CJP के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं दिया गया, तो वे देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे और दिल्ली में अनिश्चितकालीन धरना भी आयोजित कर सकते हैं। CJP ने अपने अभियान का नाम 'Election Commission Thik Karo' रखा है। पार्टी ने SIR से जुड़े फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर सार्वजनिक स्पष्टीकरण की भी मांग की है।