राहुल गांधी ने चुनाव सुधार के लिए जन आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
राहुल गांधी का जन आंदोलन का ऐलान
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन आंदोलन को जारी रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और चुनाव प्रणाली में सुधार नहीं होता, तब तक युवा आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
राहुल गांधी ने सोमवार को एक विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली को किले में बदल दिया गया है, और लोगों को राजधानी में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों पर पुलिस द्वारा अत्याचार किया जा रहा है और यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ज्ञानेश कुमार का समर्थन कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मी मौजूदा स्थिति से असंतुष्ट हैं और कई लोग विपक्ष के आंदोलन का समर्थन करते हैं। उनका मानना है कि सच्चाई उनके साथ है और वे न तो थकेंगे और न ही रुकेंगे।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोग महिलाओं और युवाओं के खिलाफ हिंसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के लगभग 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं और उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और विदेश मंत्रालय से लगातार सूचनाएं मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर लोकतंत्र और चुनाव की निष्पक्षता पर चिंता जताई थी। मुख्य न्यायाधीश ने याचिका दायर करने का निर्देश दिया है। इंडिया गठबंधन के नेता अब उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने की योजना बना रहे हैं।
राहुल गांधी ने युवाओं से अपील की कि वे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर दिन संघर्ष जारी रखें और किसी भी प्रकार के डर से पीछे न हटें। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन भगवान शिव के तांडव की तरह है, जिसमें सभी लोग शामिल हो सकते हैं।
