राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं पर उठाया सवाल, पीएम मोदी को किया टैग
छात्रों की समस्याओं पर राहुल गांधी का बयान
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में छात्रों की समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा।
रविवार को राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि सरकार के पास दीये जलाने के लिए धन है, लेकिन हमारे हॉस्टल के लिए नहीं। यह सवाल एक छात्रा ने इंदौर में उनसे पूछा था। वह गांव से पढ़ाई के लिए शहर आई हैं, लेकिन हॉस्टल की कमी के कारण उन्हें पीजी में रहना पड़ता है। इस स्थिति में लाखों रुपये खर्च होते हैं, और हर महीने किराए की चिंता रहती है। कई लड़कियां इसी कारण पढ़ाई छोड़ देती हैं।
"सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है – हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?"
यह सवाल कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा।
गाँव से पढ़ने शहर आई। हॉस्टल है नहीं, तो PG में रहना पड़ता है। सिर्फ़ सुरक्षित रहने में लाखों ख़र्च हो जाते हैं। हर महीने किराए की चिंता, और बेघर होने का डर…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 20, 2026
पीएम मोदी से सवाल
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को टैग करते हुए पूछा कि क्या उनके पास उस छात्रा के सवाल का कोई उत्तर है? उन्होंने बताया कि यह अभियान देश के विभिन्न हिस्सों में चलाया जा रहा है। इससे पहले कोटा, देहरादून और पुणे में भी युवाओं से संवाद किया गया है। उन्होंने कहा कि हर शहर में छात्रों को समान समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आज का युवा पेपर लीक, व्यवस्था की विफलता, शिक्षा का व्यवसायीकरण और अंधाधुंध निजीकरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
सिस्टम बनाम स्टूडेंट का मुद्दा
राहुल गांधी ने 'सिस्टम बनाम स्टूडेंट' का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान प्रशासनिक और राजनीतिक ढांचा युवाओं की प्रतिभा को निखारने के बजाय उन्हें दबाने का काम कर रहा है। उन्होंने छात्रों की भूमिका को देश के निर्माण में महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, छात्रों की ताकत उनकी जिज्ञासा, सवाल पूछने का साहस, ईमानदारी, सहनशीलता और आपसी प्रेम है। युवा नफरत की राजनीति में विश्वास नहीं रखते, बल्कि मोहब्बत और भाईचारे के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।
दिल्ली में छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश पर एक ऐसा सिस्टम हावी हो चुका है, जिसे कुछ प्रभावशाली लोग चला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता में बैठे नेता और उनके करीबी सहयोगी इस व्यवस्था का उपयोग आम छात्रों की आवाज को दबाने के लिए कर रहे हैं, जिससे देश के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
