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राहुल गांधी ने छात्रों के भविष्य पर चर्चा की, पेपर लीक पर मोदी सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने देहरादून में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा की। उन्होंने पेपर लीक मामले में मोदी सरकार पर तीखा हमला किया, यह बताते हुए कि एक प्रतिशत वर्ग कैसे ईमानदार छात्रों को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने छात्रों के सामने ईमानदारी और भ्रष्टाचार के दो रास्तों का उल्लेख किया। जानें उनके विचार और शिक्षा प्रणाली की स्थिति के बारे में।
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छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी का संबोधन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार शाम को देहरादून के रेसकोर्स में स्थित बन्नू स्कूल मैदान में 'छात्रों की गूंज' संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। हजारों छात्रों की उपस्थिति में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक राजनीतिक बैठक नहीं है, बल्कि युवाओं, उनके भविष्य, संघर्षों और चुनौतियों पर चर्चा करने का एक मंच है।


भारत के भविष्य पर चिंता

राहुल गांधी ने कहा, 'आप सभी का यहां आने के लिए धन्यवाद। मैं जिस विषय पर बात करना चाहता हूं, वह आज भारत का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। यह हमारे बच्चों और युवाओं के भविष्य से संबंधित है, और हमारी शिक्षा प्रणाली पर भी।' उन्होंने मंच पर आते ही पेपर लीक के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों को भी याद किया।


पेपर लीक पर मोदी सरकार पर हमला

छात्रों की रैली में राहुल गांधी ने पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि एक प्रतिशत वर्ग जो व्यवस्था का लाभ उठाता है, प्रश्नपत्र लीक जैसे तरीकों का सहारा लेता है, जिससे 99 प्रतिशत ईमानदार और गरीब छात्रों को नुकसान होता है।


धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कई बार प्रश्नपत्र लीक होने के बावजूद किसी को सजा नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक के लिए उच्च तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, और अगर आपके पास पैसे हैं, तो आप अपनी पसंद का पेपर चुन सकते हैं।


शिक्षा व्यवस्था की स्थिति

राहुल गांधी ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था इतनी खराब हो गई है कि पेपर लीक होना सामान्य बात बन गई है। इससे 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं, और 152 मामले सामने आए हैं, लेकिन कोई भी दोषी नहीं पाया गया।


छात्रों के सामने विकल्प

उन्होंने छात्रों और युवाओं के सामने दो रास्तों का उल्लेख किया। पहला रास्ता ईमानदारी और मेहनत का है, जिसमें पैसे का नुकसान और पारिवारिक दबाव सहना पड़ता है। दूसरा रास्ता है, यदि आपके पास पैसे हैं और आप भ्रष्ट हैं, तो आप 'पेपर लीक' का सहारा ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे 99.9 प्रतिशत छात्र ईमानदार हैं और चोरी के रास्ते पर नहीं चलते।