राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर मुख्यमंत्री से की मुलाकात की अपील
झारखंड में छात्र आंदोलन जारी
नई दिल्ली। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। इस संदर्भ में, कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे आंदोलनरत छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करें और उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी अन्य चिंताओं का समाधान करें। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं की आवाज को सुना जाना चाहिए और सरकार को इस मुद्दे का समाधान करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार
राहुल गांधी ने पत्र में उल्लेख किया कि कांग्रेस पार्टी का मानना है कि संविधान में प्रदत्त शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कांग्रेस का पूरा समर्थन प्राप्त है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय शिक्षा प्रणाली पर आरएसएस और बीजेपी का नियंत्रण हो गया है, जिससे छात्रों का शोषण और दमन हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली अब पहले जैसी मजबूत नहीं रही।
छात्रों की मांगें उचित
राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि झारखंड में छात्र राज्य की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी मांगें उचित हैं। उन्होंने झारखंड सरकार की ओर से छात्रों के साथ बातचीत शुरू करने की सराहना की। हालांकि, आंदोलन जारी है और कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात की अपील
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि वे स्वयं आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत मुलाकात से छात्रों की अन्य चिंताओं का समाधान करने और सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के युवा देश का भविष्य हैं और ऐसे समय में उनके साथ एकजुटता दिखाना आवश्यक है।
सरकार ने फिर से बातचीत का प्रस्ताव रखा
रांची में छात्रों का आंदोलन पिछले 20 दिनों से चल रहा है। 16 अगस्त को प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतले जलाए थे। इसके बाद झारखंड सरकार ने छात्रों को फिर से बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। 17 अगस्त की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बातचीत का समय निर्धारित
सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों को 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए बुलाया है। अनुमंडल पदाधिकारी और एडीएम, लॉ एंड ऑर्डर ने छात्रों को इस प्रस्ताव की जानकारी दी है। अब सभी की नजर इस बैठक के परिणाम पर है।
