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राहुल गांधी ने बिहार में प्रदर्शन के दौरान घायल छात्रों से की मुलाकात

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में प्रदर्शन के दौरान घायल छात्रों से मुलाकात की, जहां छात्रों ने अपनी चोटों और भविष्य के सपनों के टूटने की कहानी साझा की। एक छात्र ने बताया कि उसे गोली लगी और उसका सपना सेना में जाने का था, जो अब अधूरा रह गया। राहुल ने छात्रों के परिवारों की आर्थिक स्थिति और पुलिस की कार्रवाई पर भी चर्चा की। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या छात्रों के टूटे हुए सपनों को वापस लाया जा सकता है।
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घायल छात्रों से राहुल गांधी की मुलाकात

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। छात्रों ने उन्हें बताया कि प्रदर्शन के दौरान उन पर गोलियां चलाई गईं और उन्हें तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया। एक छात्र ने बताया कि उसके पैर में गोली लगने से हड्डी टूट गई और उसे ऑपरेशन कराना पड़ा। उसने राहुल को बताया कि उसका सपना सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने का था, लेकिन अब उसे लगता है कि यह सपना अधूरा रह जाएगा। राहुल गांधी ने उसके स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य के बारे में विस्तार से चर्चा की।


प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी का घटनाक्रम

राहुल गांधी से बातचीत में छात्रों ने बताया कि वे सिवान में पढ़ाई से संबंधित काम के लिए गए थे और प्रदर्शन में शामिल थे। एक छात्र ने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था, तभी उसे गोली लगी। उसने बताया कि प्रशासन की ओर से लाठीचार्ज किया जा रहा था और स्थिति तनावपूर्ण थी। गोली लगने के बाद वह तुरंत गिर गया। एक अन्य छात्र ने भी गोली लगने की बात कही और बताया कि वह घायल हो गया।


अस्पताल पहुंचाने में देरी

घायल छात्र ने राहुल गांधी को बताया कि गोली लगने के बाद उसे काफी खून बहा, लेकिन फिर भी उसे तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया। छात्र के अनुसार, उसे लगभग 30 से 40 मिनट बाद अस्पताल पहुंचाया गया। उसने यह भी कहा कि प्रशासन के लोग उसे डंडे से मारते रहे और उसकी मदद नहीं की गई।


चोट के बाद छात्र का सपना कैसे टूटा?

राहुल गांधी ने घायल छात्र से उसके ऑपरेशन के बारे में पूछा। छात्र ने बताया कि उसकी सर्जरी पटना के मेदांता अस्पताल में हुई और उसके पैर में रॉड डाली गई। उसने कहा कि गोली लगने से उसकी हड्डी टूट गई और वह अभी भी पैर को नीचे रखने की स्थिति में नहीं है। छात्र ने कहा कि अब वह सेना में नहीं जा सकेगा, जबकि उसका सपना देश की सेवा करने का था।


परिवार की आर्थिक स्थिति

राहुल गांधी ने छात्रों से उनके परिवारों और आर्थिक स्थिति के बारे में भी पूछा। एक छात्र ने बताया कि उसके पिता मजदूरी करते हैं और उनकी तबीयत खराब है। परिवार को उम्मीद थी कि वह पढ़ाई करके आगे बढ़ेगा, लेकिन अब चोट के कारण स्थिति और खराब हो गई है।


पुलिस की कार्रवाई पर छात्रों की राय

राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा कि क्या वे पुलिस के लिए खतरा पैदा कर रहे थे। छात्रों ने कहा कि वे केवल प्रदर्शन कर रहे थे और उनके पास कोई हथियार नहीं था। एक घायल छात्र ने बताया कि गोली लगने के बाद भी वह जमीन पर गिर गया था और उसके दोस्त ने उसे उठाने की कोशिश की।


राहुल गांधी की प्रतिक्रिया

राहुल गांधी ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि इन बच्चों ने ऐसा कौन सा गुनाह किया था कि उन्हें गोली मारी गई? उन्होंने कहा कि छात्रों ने केवल शिक्षा, रोजगार और जवाबदेही की मांग की थी।


छात्रों के सपनों का क्या होगा?

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के टूटे हुए सपनों को वापस लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गोली के घाव भर जाएंगे, लेकिन बच्चों के भीतर बैठ गए डर का इलाज कौन करेगा।


छात्रों को आश्वासन

राहुल गांधी ने घायल छात्र को सलाह दी कि पहले उसका इलाज कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उसे घबराने की जरूरत नहीं है और किसी न किसी तरीके से उसका सपना पूरा करने में मदद की जाएगी।