रियाद एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों का हमला: 12 मृत, 309 घायल
रियाद में हमले से बढ़ा तनाव
डिजिटल पर्दाफाश। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले ने पूरे क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। शनिवार को हुए इस हमले में 12 लोगों की जान चली गई, जबकि 309 अन्य घायल हुए हैं। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने रविवार को हताहतों की संख्या की पुष्टि की। घायलों में से कुछ की स्थिति गंभीर बताई गई है। हमले के बाद हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
मृतकों की पहचान
मृतकों में चार सऊदी नागरिक और दो बांग्लादेशी शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के एक-एक नागरिक की भी जान गई है। हमले के कारण एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा है और अधिकारी अब नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
ट्रम्प का सैन्य कार्रवाई का संकेत
ट्रम्प ने दिए सैन्य कार्रवाई के संकेत
हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब के साथ मिलकर सैन्य कार्रवाई करने की संभावना से इनकार नहीं किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका इस अभियान में सऊदी अरब का साथ देगा, तो ट्रम्प ने कहा कि ऐसा हो सकता है और अमेरिका तेजी से कार्रवाई करता है। उन्होंने इस हमले को बेहद भयानक बताया और सऊदी सैनिकों की क्षमता की सराहना की।
उड़ानों पर असर
एयरपोर्ट बंद, सैकड़ों उड़ानें प्रभावित
हमले के कारण रियाद आने-जाने वाली उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। विमानन संबंधी आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को 24 घंटे के भीतर 225 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं। कई विमानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा, जिससे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
भारत की एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो जैसी कई विमानन कंपनियों ने सुरक्षा कारणों से रियाद की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दीं। एयर इंडिया की दिल्ली से रियाद जा रही एक उड़ान को रास्ते से वापस लौटना पड़ा। एयरलाइंस ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सेवाओं की समीक्षा शुरू की।
हूतियों की चेतावनी
हूतियों की चेतावनी से बढ़ी चिंता
रियाद एयरपोर्ट पर बीते 20 दिन में यह चौथा हूती हमला है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष तेज हो रहा है। हूतियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों को सऊदी हवाई क्षेत्र में उड़ानें संचालित करने के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी थी।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हमले के लिए हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्ष के बीच जवाबी कार्रवाई को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अमेरिका सऊदी अरब के समर्थन में सीधे सैन्य अभियान में शामिल होता है या नहीं। ऐसा होने पर यमन का संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।
