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रिलायंस का स्टारलिंक को स्पष्ट संदेश: हम प्रतिस्पर्धा से नहीं डरते

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह प्रतिस्पर्धा से नहीं डरती। कंपनी ने कहा है कि सभी कंपनियों को भारतीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य है। रिलायंस ने अपने ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि उसने पिछले एक दशक में 53 करोड़ उपभोक्ताओं का विश्वास जीता है। इसके साथ ही, जियो की सैटेलाइट सेवाओं को भी आवश्यक मंजूरियों का इंतजार है। आने वाले समय में, भारत में सैटेलाइट इंटरनेट का बाजार खुलने पर उपभोक्ताओं को तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
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रिलायंस का सैटेलाइट इंटरनेट में कदम

नई दिल्ली: भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के आगमन पर चल रही चर्चा के बीच, मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एलन मस्क की कंपनी 'स्टारलिंक' को एक स्पष्ट संदेश दिया है। रिलायंस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि उसे प्रतिस्पर्धा से कोई डर नहीं है और वह सैटेलाइट संचार क्षेत्र में स्टारलिंक सहित किसी भी वैश्विक कंपनी के साथ निष्पक्ष मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही, रिलायंस ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी सहयोगी कंपनी 'जियो सैटेलाइट' भी आवश्यक सरकारी मंजूरियों की प्रक्रिया में है और सभी के लिए कानून समान होना चाहिए।


कानूनों का पालन अनिवार्य

सभी कंपनियों को करना होगा भारतीय कानूनों का पालन, प्रक्रिया में कोई रियायत नहीं
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि भारत में व्यापार करने की इच्छुक हर कंपनी को देश के नियमों, सुरक्षा मानकों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है। कंपनी ने सरकार के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि चाहे आवेदक भारतीय कंपनी हो या विदेशी बहुराष्ट्रीय दिग्गज, सभी के लिए समान पारदर्शी नियम और नीतियां लागू होती हैं। रिलायंस का मानना है कि देश के विकास और नवाचार के लिए खुला कारोबारी माहौल बेहद जरूरी है, लेकिन यह पूरी व्यवस्था कानून के शासन और राष्ट्रीय सुरक्षा के दायरे में ही संचालित होनी चाहिए।


जियो की सैटेलाइट सेवाओं का इंतजार

जियो की सैटेलाइट सेवाओं को भी अभी सरकारी मंजूरियों का इंतजार
स्टारलिंक के प्रवेश को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, रिलायंस ने खुलासा किया कि उसकी खुद की सैटेलाइट सेवा 'जियो स्पेसफाइबर' भी अभी तक आवश्यक वैधानिक मंजूरियों का इंतजार कर रही है। ऐसे में किसी भी कंपनी को विशेष छूट देने या नियमों को दरकिनार करने का सवाल नहीं उठता। यह बयान उस समय आया है जब सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन और सुरक्षा मंजूरी को लेकर वैश्विक और घरेलू कंपनियों के बीच खींचतान की खबरें चर्चा में हैं।


रिलायंस का ट्रैक रिकॉर्ड

शून्य से 53 करोड़ ग्राहकों तक का सफर, रिलायंस ने याद दिलाया जियो का ट्रैक रिकॉर्ड
प्रतिस्पर्धा के अपने लंबे अनुभव का हवाला देते हुए रिलायंस ने कहा कि जब 2016 में रिलायंस जियो ने भारतीय टेलीकॉम बाजार में कदम रखा था, तब उसके पास एक भी उपभोक्ता नहीं था। पिछले एक दशक में कड़ी प्रतिस्पर्धा और भारी निवेश के दम पर कंपनी ने 53 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं का भरोसा जीता है। कंपनी ने बताया कि जियो ने भारत में डिजिटल क्रांति लाकर डेटा को सबसे किफायती बनाया और विशाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया। रिलायंस के अनुसार, बाजार में प्रतिस्पर्धा का असली पैमाना यह तय करता है कि कौन उपभोक्ताओं को सबसे बेहतर, सुरक्षित और सस्ती सेवाएं उपलब्ध कराता है।


तेज इंटरनेट की उम्मीद

उपभोक्ताओं को मिलेगा तेज इंटरनेट, नियमों के दायरे में होगा कड़ा मुकाबला
रिलायंस ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वह सैटेलाइट ब्रॉडबैंड क्षेत्र में स्टारलिंक समेत किसी भी प्रतिद्वंद्वी का स्वागत करने से पीछे नहीं हटती। बशर्ते हर कंपनी को देश की संप्रभुता, टेलीकॉम नीतियों और स्थानीय विनियमों का पूरा सम्मान करना होगा। आने वाले दिनों में जब भारत में सैटेलाइट इंटरनेट का बाजार पूरी तरह खुलेगा, तो वैश्विक और घरेलू दिग्गजों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी, जिसका सीधा लाभ दूरदराज और ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं को तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी और प्रतिस्पर्धी दरों के रूप में मिलेगा।