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रूस ने BRICS में भारत की भूमिका की सराहना की

रूस ने BRICS में भारत की भूमिका की सराहना की है, जिसमें राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने के प्रयासों पर जोर दिया गया है। पेस्कोव ने भारत को रूस का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने की बात की। इसके अलावा, BRICS में सुरक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग को भी बढ़ाने की चर्चा की गई। जानें इस महत्वपूर्ण सहयोग के बारे में और क्या है रूस का दृष्टिकोण।
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रूस की सराहना: BRICS में भारत की भूमिका

BRICS में अपने-अपने राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच, रूस ने भारत की महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा की है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता, दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि रूस के BRICS देशों के साथ 90 प्रतिशत लेन-देन अब राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इसे डॉलर के उपयोग को समाप्त करने की योजना के रूप में नहीं देखा।


भारत की अध्यक्षता की प्रशंसा

रूस ने BRICS में भारत की अध्यक्षता और उसके कार्यों की सराहना की है। पेस्कोव ने कहा कि रूस संगठन के साथ सहयोग को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि BRICS देशों के साथ रूस के लगभग 90 प्रतिशत लेन-देन अब संबंधित देशों की अपनी मुद्रा में हो रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य डॉलर को समाप्त करना नहीं है। उनके अनुसार, रूस विभिन्न देशों के साथ व्यापार को सरल बनाने के लिए अधिक से अधिक भुगतान विकल्प तैयार करना चाहता है।


BRICS में सहयोग के क्षेत्र

पेस्कोव के अनुसार, BRICS में सहयोग कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है, जिसमें आर्थिक और मानवीय सहयोग शामिल हैं। रूस नए देशों को संगठन में शामिल करने के लिए भी प्रयास कर रहा है। इसके अलावा, सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को भी बढ़ाया जा रहा है, जिसमें नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई और आतंकवाद से निपटने जैसे मुद्दे शामिल हैं। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी BRICS देश मिलकर काम कर रहे हैं। रूस का कहना है कि संगठन के बीच सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है और भविष्य में इसके और मजबूत होने की उम्मीद है।


भारत को रणनीतिक साझेदार बताया

पेस्कोव ने भारत को रूस का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया है। दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग जारी है और भारत के साथ भी अधिकांश लेन-देन राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहे हैं। यूक्रेन युद्ध पर पेस्कोव ने कहा कि रूस शांतिपूर्ण समाधान की तलाश में है और युद्ध समाप्त करने के प्रयास कर रहा है। उन्होंने भारत के शांति प्रयासों का स्वागत किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध रोकने की कोशिशों का भी समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने कुछ यूरोपीय देशों पर आरोप लगाया कि वे यूक्रेन को रूस के खिलाफ रणनीतिक जीत दिलाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और रूस ऐसा नहीं होने देगा।