रेलवे के पूर्व अधिकारी पर आय से अधिक संपत्ति जुटाने का मामला
रेलवे अधिकारी पर कार्रवाई
सरकारी सेवा में रहते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में रेलवे के एक पूर्व अधिकारी पर कार्रवाई की गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने साकेत चंद श्रीवास्तव, जो रेलवे के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी हैं, और उनकी पत्नी सौम्या श्रीवास्तव के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि साकेत ने पिछले पांच वर्षों में जो आय अर्जित की, उसकी तुलना में उनकी संपत्ति 4.87 करोड़ रुपये अधिक है। हाल ही में की गई एक छापेमारी में CBI ने गहनों, नकद और कई संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए।
आरोपों का विवरण
साकेत चंद श्रीवास्तव नार्दर्न रेलवे में सीनियर डिवीजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। CBI की FIR के अनुसार, उन्होंने और उनकी पत्नी ने अवैध तरीकों से संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी आय के अनुरूप नहीं है।
FIR की जानकारी
CBI की एंटी करप्शन ब्रांच-1 ने 19 अगस्त को FIR दर्ज की, जिसमें कहा गया है कि 1 अप्रैल 2021 से 6 अप्रैल 2025 के बीच आय से अधिक संपत्ति जुटाई गई। यह मामला प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट, 1988 के तहत दर्ज किया गया है। CBI का आरोप है कि इस अवधि में साकेत चंद श्रीवास्तव ने अपने और अपनी पत्नी के नाम पर 4,87,06,993 रुपये की संपत्ति अवैध स्रोतों से इकट्ठा की।
पुनरावृत्ति और संपत्ति में वृद्धि
इस FIR में यह भी उल्लेख किया गया है कि साकेत चंद श्रीवास्तव पहले भी CBI जांच के दायरे में रह चुके हैं। 6 अप्रैल 2025 को उनके खिलाफ एक और मामला दर्ज हुआ था, जिसमें उनके घर और कार्यालय पर छापेमारी के दौरान CBI ने नकद, सोना, चांदी और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए थे। CBI का कहना है कि बरामद की गई संपत्ति उनकी आय के हिसाब से अत्यधिक है।
संपत्ति में अवैध वृद्धि
इन दोनों की कुल संपत्ति 2021 में केवल 1.49 करोड़ रुपये थी, लेकिन 6 अप्रैल 2025 तक यह बढ़कर 7.56 करोड़ रुपये हो गई। इस दौरान उनकी कुल आय 1.80 करोड़ रुपये थी, जिसमें से 60 लाख रुपये खर्च किए गए। CBI का कहना है कि संपत्ति में 220.50 प्रतिशत की वृद्धि अवैध तरीके से अर्जित धन से हुई है। आरोप है कि सौम्या श्रीवास्तव ने अपने पति को इस तरह संपत्ति अर्जित करने के लिए प्रेरित किया। CBI ने साकेत के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट, 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(b) तथा उनकी पत्नी के खिलाफ धारा 12, 13(2) और 13(1)(b) के तहत मामला दर्ज किया है।
