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रेलवे स्टेशनों पर पानी की गुणवत्ता में खामियां: CAG रिपोर्ट में खुलासा

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नई रिपोर्ट में रेलवे स्टेशनों पर पानी की गुणवत्ता में गंभीर खामियों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कई स्टेशनों पर पीने के पानी में ई कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है, जिससे यात्रियों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या-क्या जानकारी दी गई है और रेलवे की सुविधाओं में क्या सुधार की आवश्यकता है।
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CAG की रिपोर्ट में गंभीर खामियों का खुलासा

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधाओं के लिए कई दिशा-निर्देश बनाए थे, लेकिन विभिन्न जोनों ने इनका पालन नहीं किया। इसके परिणामस्वरूप यात्रियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिनमें वॉटर कूलर में ई. कोलाई बैक्टीरिया का पाया जाना और शौचालयों की गंदगी शामिल हैं।


पानी की गुणवत्ता की जांच में कमी

CAG की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 6 जोनों के 59 स्टेशनों पर पीने के पानी की बैक्टीरिया संबंधी जांच नहीं की गई। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि यात्रियों को किस प्रकार का पानी उपलब्ध कराया जा रहा था और क्या वह पीने योग्य था।


CAG रिपोर्ट का सारांश

CAG की रिपोर्ट, जिसका शीर्षक 'बैक्टोरियोलॉजिकल एनालिसिस ऑफ ड्रिंकिंग वाटर वास नॉट कैरीड आउट 59 स्टेशन ओवर सिक्स जोन' है, अगस्त में संसद में प्रस्तुत की गई थी। रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कई वॉटर कूलर के पानी के नमूनों में गंभीर खामियां पाई गईं।


ई कोलाई की उपस्थिति

रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि वॉटर कूलर के पानी के नमूनों में ई कोलाई पाया गया है। दक्षिणी रेलवे के कोयंबटूर और पालक्कड़ जंक्शन के पानी में ई कोलाई की उपस्थिति मिली। इसके अलावा, दक्षिण मध्य रेलवे के हैदराबाद स्टेशन के पानी में भी खराब गुणवत्ता पाई गई। मध्य रेलवे के चार स्टेशनों, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, भिवंडी रोड, कल्याण और लोनावला के वॉटर कूलर में भी ई कोलाई पाया गया। पूर्वी रेलवे के मधुपुर स्टेशन में भी यही समस्या देखी गई। CAG ने सभी जोनों के 512 गैर-उपनगरीय स्टेशनों पर यात्री सेवाओं का अध्ययन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला।


ई कोलाई बैक्टीरिया का खतरा

ई कोलाई एक हानिकारक बैक्टीरिया है जो दूषित पानी में पाया जाता है। इसके सेवन से पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों का कई स्थानों पर पालन नहीं किया जा रहा है, जो यात्रियों की सेहत के लिए गंभीर समस्या बन सकता है।