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रेवाड़ी जिला हाथ से मैला ढोने से मुक्त, प्रशासन ने पंजीकरण की अपील की

रेवाड़ी जिले में हाथ से मैला ढोने वालों की पहचान के लिए किए गए सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप, प्रशासन ने जिले को इस प्रथा से मुक्त घोषित किया है। अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में कार्य कर रहा है, तो उन्हें पंजीकरण कराने का अवसर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य इस अमानवीय प्रथा का उन्मूलन करना और प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए कदम उठाना है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इस विषय में जानकारी साझा करें।
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हाथ से मैला ढोने वालों की पहचान के लिए सर्वेक्षण

रेवाड़ी समाचार: अतिरिक्त उपायुक्त और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल मोदी ने जानकारी दी कि वर्ष 2024-25 के दौरान हाथ से मैला ढोने वालों की पहचान हेतु एक सर्वेक्षण किया गया था। इस सर्वेक्षण में जिले में हाथ से मैला ढोने का कोई मामला नहीं पाया गया, जिसके आधार पर जिले को हाथ से मैला ढोने वालों से मुक्त घोषित किया गया है।


पंजीकरण की प्रक्रिया

एडीसी राहुल मोदी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में कार्य कर रहा है, तो वह 3 जुलाई 2026 तक किसी भी कार्य दिवस पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण शाखा जिला परिषद रेवाड़ी के कार्यालय में जाकर अपने सभी दस्तावेजों के साथ स्वयं घोषणा पत्र जमा कर पंजीकरण करा सकता है।


सरकार का उद्देश्य

सरकार का लक्ष्य इस अमानवीय प्रथा का पूर्ण उन्मूलन करना और प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाना है। अतिरिक्त उपायुक्त ने जनता से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में हाथ से मैला ढोने वालों की जानकारी हो, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।