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रेवाड़ी पुलिस की सट्टेबाजी के खिलाफ चेतावनी: 7 साल तक की सजा

रेवाड़ी पुलिस ने युवाओं को सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुए से दूर रहने की सलाह दी है। पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने चेतावनी दी है कि सट्टेबाजी एक दंडनीय अपराध है, जिसके लिए 7 साल तक की सजा हो सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या ऐप के माध्यम से सट्टेबाजी में शामिल न हों। इसके अलावा, पुलिस ने सट्टेबाजी के दुष्परिणामों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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रेवाड़ी पुलिस की सट्टेबाजी के खिलाफ चेतावनी: 7 साल तक की सजा

सट्टेबाजी से बचने की सलाह

रेवाड़ी पुलिस ने पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के निर्देश पर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में युवाओं को सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुए जैसी अवैध गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी गई है। पुलिस ने बताया कि समाज के हर सदस्य का जागरूक रहना इन अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण है।


सट्टेबाजी के दुष्परिणाम

सावधान रहें, सतर्क रहें: सट्टेबाजी एक अपराध है

रेवाड़ी पुलिस ने चेतावनी दी है कि क्रिकेट बुकी और ऑनलाइन सट्टेबाज युवाओं को भारी मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। प्रारंभ में लाभ का झांसा दिया जाता है, लेकिन धीरे-धीरे व्यक्ति बड़ी धनराशि हारकर मानसिक तनाव, कर्ज और अवसाद जैसी गंभीर स्थितियों में पहुंच जाता है। ऐसे में व्यक्ति और उसके परिवार के लिए गंभीर सामाजिक एवं आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।


पुलिस की अपील

रेवाड़ी पुलिस की अपील:

पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति, मोबाइल ऐप, वेबसाइट या ऑनलाइन लिंक के माध्यम से सट्टेबाजी में शामिल न हों। क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन या ऑफलाइन सट्टा लगाना एक दंडनीय अपराध है। इससे पूरी तरह दूर रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को आर्थिक नुकसान या मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा हो, तो वह अपने परिजनों, मित्रों, परामर्श केंद्रों या नजदीकी पुलिस थाने से सहायता प्राप्त कर सकता है। यदि किसी को किसी बुकी, सट्टेबाज या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


हरियाणा सार्वजनिक जुआ (निषेध) अधिनियम, 2025 के तहत सजा

सजा के प्रमुख प्रावधान:

धारा 5: मैच फिक्सिंग / स्पॉट फिक्सिंग

* पहली बार: 3 से 5 वर्ष की सजा और न्यूनतम ₹5 लाख जुर्माना।

* पुनरावृत्ति: 5 से 7 वर्ष की सजा और न्यूनतम ₹7 लाख जुर्माना।

धारा 6: सट्टेबाजी में सहायता या उकसाना

* जितना दंड अपराधी को मिलेगा, उतना ही सहायक या उकसाने वाले को भी मिलेगा।

धारा 7: संगठित जुआ सिंडिकेट में शामिल होना

* पहली बार: 3 से 5 वर्ष की सख्त सजा और ₹5 लाख जुर्माना।

* पुनरावृत्ति: 5 से 7 वर्ष की सख्त सजा और ₹5 लाख से कम नहीं जुर्माना।

धारा 8: पहचान छिपाकर सट्टेबाजी में शामिल होना

* पहली बार: 3 वर्ष तक की सजा, ₹10,000 जुर्माना या दोनों।

* पुनरावृत्ति: 3 से 5 वर्ष की सजा और ₹20,000 से कम नहीं जुर्माना।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस की कार्रवाई और निगरानी जारी

पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि जिले में सट्टेबाजी और अवैध जुए के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस की स्पेशल टीमें और क्राइम यूनिट ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। ऐसे मामलों में हरियाणा सार्वजनिक जुआ (निषेध) अधिनियम, 2025, आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

रेवाड़ी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं भी सट्टेबाजी से दूर रहें और अपने परिवार और युवाओं को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें, ताकि समाज को इस बुराई से बचाया जा सके।