लखनऊ अग्निकांड: 500 पन्नों की चार्जशीट में सुरक्षा खामियों का खुलासा
अलीगंज अग्निकांड की जांच पूरी
लखनऊ: अलीगंज सेक्टर-डी में 22 जून को हुए भयंकर अग्निकांड की जांच के बाद पुलिस ने अदालत में 500 से अधिक पन्नों का आरोप पत्र पेश किया है। इस चार्जशीट में घटना के 87 दिन बाद भवन की सुरक्षा से संबंधित कई गंभीर खामियों का उल्लेख किया गया है, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी।
आपातकालीन निकास में बदलाव
जांच में यह पाया गया कि आग लगने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बनाए गए आपातकालीन निकास में बदलाव किया गया था। जहां फायर एग्जिट के लिए सीढ़ियों की आवश्यकता थी, वहां लिफ्ट स्थापित कर दी गई थी। इसके अलावा, बिजली की व्यवस्था भी जांच के दायरे में आई। भवन के लिए स्वीकृत विद्युत भार 20 किलोवाट था, जबकि वास्तविक उपयोग 35 किलोवाट से अधिक पाया गया। प्रारंभिक जांच में भी विद्युत सुरक्षा से जुड़ी खामियों का पता चला था।
चार आरोपी नामजद, एक फरार
पुलिस ने चार्जशीट में भवन के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, रामकृष्ण उपाध्याय, तुषांक कृष्ण जायसवाल और स्टूडियो संचालक सुरेश कुमार साहू को आरोपी बनाया है। वहीं, सुरेंद्र नाम का एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 105, 125 और 3(5) के साथ उत्तर प्रदेश फायर सर्विस एक्ट की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। मामले की जांच के दौरान भवन की अग्नि सुरक्षा, निर्माण और वहां चल रही गतिविधियों से जुड़े कई पहलुओं की गहनता से जांच की गई। 22 जून की घटना के बाद एसआईटी का गठन किया गया था। बाद में सुरक्षा मानकों और संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे। अब पुलिस की चार्जशीट के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में शुरू होगी।
