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लखनऊ अग्निकांड: सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बढ़ी चिंता

लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गंभीरता को उजागर किया है। इस घटना में 15 लोगों की जान गई, जिससे पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। जांच में पता चला है कि कई होटल और रेस्टोरेंट बिना अग्निशामक सुरक्षा मानकों के चल रहे हैं। चारबाग क्षेत्र में स्थित होटल विशेष रूप से खतरनाक हैं। अग्निशामक विभाग ने 147 होटलों को नोटिस जारी किया है, लेकिन कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई है। जानें इस मामले में क्या कदम उठाए जा रहे हैं और लखनऊ में अग्निशामक सुरक्षा की स्थिति क्या है।
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लखनऊ अग्निकांड: सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बढ़ी चिंता

लखनऊ में अग्निकांड से मचा हड़कंप


लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की जान जाने से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। अलीगंज क्षेत्र में एक इमारत में लगी आग ने दिल्ली के मालवीय नगर हादसे की यादें ताजा कर दी हैं। प्रारंभिक जांच में लखनऊ अग्निकांड में वही खामियां पाई गई हैं जो मालवीय नगर में थीं। इस तीन मंजिला व्यावसायिक परिसर में बिना अग्निशामक एनओसी के संचालन किया जा रहा था, जिससे 15 छात्रों की जान चली गई। अब अधिकारी वही बहानेबाजी कर रहे हैं जो दिल्ली में देखी गई थी।


पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अलीगंज योजना के सेक्टर में स्थित भवन संख्या एमएस/102/डी का कुल क्षेत्रफल 1992 वर्गफुट है। इसके लिए 20 अगस्त 2014 को आवासीय नक्शा स्वीकृत किया गया था। हालांकि, 2016 में लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इसे अवैध निर्माण के लिए मुकदमा दर्ज किया था और 10 मई 2016 को इसे ध्वस्त करने का आदेश दिया गया था। लेकिन, मालिकों की आपत्ति के बाद जुलाई में यह आदेश निरस्त कर दिया गया।


लखनऊ में लगभग तीन हजार होटल और रेस्टोरेंट संचालित हैं। इनमें से अधिकांश, खासकर पांच और तीन सितारा होटलों को छोड़कर, 80 प्रतिशत से अधिक अग्निशामक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। लगभग 500 होटल ऐसे हैं जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं।


चारबाग क्षेत्र में सबसे अधिक खतरनाक होटल हैं, जहां 150-200 स्क्वायर फीट में चार से पांच मंजिला होटल संचालित हो रहे हैं। इनकी सीढ़ियाँ इतनी संकरी हैं कि आपातकाल में भागने का कोई साधन नहीं है। अग्निशामक उपकरण केवल दिखावे के लिए हैं। यदि कोई हादसा होता है, तो दमकल भी मौके पर नहीं पहुंच सकेगी।


चारबाग में होटल विश्वनाथ, मोहन, और बालाजी में अग्निकांड की घटनाएं भी हो चुकी हैं। यहां बार भी चल रहे हैं, लेकिन अग्निसुरक्षा व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप नहीं हैं।


147 होटलों के लाइसेंस निरस्तीकरण की नोटिस ठंडे बस्ते में


हाल ही में अग्निशामक विभाग ने मानक के विपरीत चल रहे 147 होटलों को नोटिस जारी किया है। उन्हें अग्निशामक व्यवस्थाएं पूरी करने का अल्टीमेटम दिया गया है। पूर्व मुख्य अग्निशामक अधिकारी ने 80 खतरनाक होटलों के लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा था, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। मुख्य अग्निशामक अधिकारी अंकुश मित्तल ने कहा कि मानक पूरे न होने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।


100 से अधिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ मुकदमा


शहर में मानक के विपरीत सैकड़ों होटल और इमारतें चल रही हैं। करीब 100 से अधिक इमारतों के खिलाफ मुकदमे न्यायालय में चल रहे हैं। अग्निशामक विभाग अग्निकांड के बाद केवल नोटिस देकर पल्ला झाड़ लेता है।


लखनऊ में फायर स्टेशन की कमी


लखनऊ में 30 फायर स्टेशन होने चाहिए, जबकि वर्तमान में केवल आठ हैं। अग्निशामक विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, और वे हर आग की लपटों से जूझ रहे हैं।


अग्निशामक नियम


मुख्य अग्निशामक अधिकारी अंकुश मित्तल ने बताया कि जो रेस्तरां 500 मीटर या उससे अधिक का क्षेत्र कवर करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।