लखनऊ में 28 महीने पहले मृत घोषित महिला का जिंदा लौटना, रहस्य गहराया
अनोखा मामला लखनऊ से
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक 28 वर्षीय महिला, जिसे 28 महीने पहले मृत मानकर अंतिम संस्कार किया गया था, 5 सितंबर 2026 को अचानक अपने घर लौट आई। उसकी वापसी से पूरे गांव में हड़कंप मच गया और परिवार के सदस्य हैरान रह गए।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, इस महिला का नाम शिवानी है। उसकी शादी 2020 में आनंद सिंह से हुई थी। पारिवारिक विवाद के कारण 2 मई 2024 को शिवानी अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था।
शव की पहचान और अंतिम संस्कार
शिवानी के लापता होने के लगभग दो महीने बाद, 16 जुलाई 2024 को आईआईएम रोड के पास एक नाले से एक अज्ञात महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। शिवानी के परिवार ने कंगन और अंगूठी के आधार पर शव की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया और अंतिम संस्कार भैंसाकुंड श्मशान घाट पर किया गया। परिवार ने शिवानी के पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था।
डीएनए रिपोर्ट से खुलासा
पुलिस ने शव के डीएनए की जांच कराई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि वह शव शिवानी का नहीं था। इसके बाद दहेज हत्या की धाराएं हटा दी गईं, जिससे ससुराल वालों को राहत मिली। 5 सितंबर को शिवानी के लौटने पर पुलिस ने उससे पूछताछ की, जिसमें उसने बताया कि वह अपनी मर्जी से घर छोड़कर लखनऊ के पारा इलाके में जावेद नामक युवक के साथ रह रही थी। जावेद के कहने पर वह वापस आई।
पुलिस की नई चुनौती
हालांकि, शिवानी के लौटने से उसके जिंदा होने का रहस्य तो सुलझ गया है, लेकिन अब लखनऊ पुलिस के सामने एक नया सवाल खड़ा हो गया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि नाले में मिला शव किसका था, जिसका अंतिम संस्कार किया गया था। इस अज्ञात महिला की पहचान के लिए पुलिस ने नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।
