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लखनऊ में अवैध डेयरियों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई

लखनऊ के पारा क्षेत्र में नगर निगम की कैटल कैचर टीम पर हमले के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। इस अभियान में 200 भैंसें पकड़ी गईं। मेयर ने कहा कि अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। जानें इस अभियान की पूरी जानकारी और घटना के पीछे की कहानी।
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लखनऊ में अवैध डेयरियों पर प्रशासन का अभियान


लखनऊ के पारा क्षेत्र में नगर निगम की कैटल कैचर टीम पर हमले के बाद मंगलवार को प्रशासन ने कठोर कदम उठाए। इस कार्रवाई में पारा, दुबग्गा और काकोरी थाने की पुलिस के साथ एक कंपनी पीएसी भी शामिल थी। सुरक्षा के लिए तैनात जवान हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे। पुलिस की मौजूदगी में टीम ने चार मोहल्लों में अभियान चलाकर लगभग 200 भैंसें पकड़ीं।


इस कार्रवाई के दौरान मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी现场 पर मौजूद थे। मेयर ने कहा कि पुलिस और नगर निगम की टीम पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और पूरे क्षेत्र को साफ किया जाएगा।


तीन थानों की पुलिस के साथ अभियान की शुरुआत

अभियान की शुरुआत तिकोनिया, गायत्री विहार और ज्ञानेंद्र विहार से हुई। यहां करीब 10 घरों और डेयरियों से भैंसें बाहर निकाली गईं। इसके बाद टीम हैदर कैनाल के पास कुल्हरकट्टा रोड होते हुए डिप्टी खेड़ा पहुंची, जहां भी घरों और डेयरियों से पशुओं को बाहर निकालकर कैटल कैचर में लादा गया।


कुछ स्थानों पर महिलाओं ने टीम के कर्मचारियों से बहस की, लेकिन पुलिस की बड़ी संख्या के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। कई डेयरी संचालकों ने भैंसों को घरों के अंदर बांध रखा था, जिन्हें निगम की टीम ने घरों में जाकर बाहर निकाला।


रविवार को हुई थी टीम पर हमला

यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई है जब रविवार को नगर निगम की टीम पुलिस के साथ इलाके में पहुंची थी। अवैध डेयरी संचालकों ने टीम का विरोध करते हुए पुलिस और निगम कर्मचारियों पर हमला कर दिया था। आरोप है कि दरोगा के साथ भी मारपीट की गई थी।


पशु कल्याण अधिकारी अवधेश कुमार की शिकायत पर पुलिस ने कई नामजद और 24 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।


सरकारी काम में बाधा डालने पर होगी सख्ती

डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित ने बताया कि 16 तारीख को नगर निगम की टीम पर हमला किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान कई अधिकारी भी现场 पर मौजूद रहे।


नगर निगम के नियमों के अनुसार भैंस पालन

नगर निगम के अनुसार, शहरी क्षेत्र में भैंस पालन प्रतिबंधित है। नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत भैंसों को अपदूषक पशु माना गया है। निगम का कहना है कि अवैध डेयरियों के कारण गंदगी और सीवर जाम जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। नियमों के अनुसार, अधिकतम दो गाय पालने की अनुमति है। इसी आधार पर पारा क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान चलाया गया है।


घटना का सोशल मीडिया पर प्रसार