लखनऊ में चारा घोटाले के आरोपी सत्येंद्र कुमार की गिरफ्तारी
सत्येंद्र कुमार की गिरफ्तारी
लखनऊ: चारा घोटाले के मामले में 25 साल से फरार चल रहे आरोपी सत्येंद्र कुमार को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। वह 2001 में चार्जशीट दाखिल होने के बाद से नेपाल में छिपा हुआ था। सीबीआई अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची ले जा रही है, जहां उसे विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट पहले से ही जारी था।
सूत्रों के अनुसार, सत्येंद्र कुमार 22 अक्टूबर को ट्रेन से मध्य प्रदेश से लखनऊ लौट रहा था। सीबीआई की विशेष टीम ने आधी रात को स्टेशन पर जाल बिछाकर उसे पकड़ लिया। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची, अधिकारियों ने उसकी पहचान की और उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उसे ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया। अब सीबीआई उसे रांची ले जाकर अदालत में पेश करेगी।
सत्येंद्र कुमार पर आरोप
सत्येंद्र कुमार पर चारा घोटाले के दौरान सरकारी खजाने से फर्जी तरीके से धन निकालने का आरोप है। उसने अपने सहयोगी दिनेश राय के साथ मिलकर पशुपालन विभाग को बड़े पैमाने पर दवाइयों की आपूर्ति की थी। उसका परिवार रांची में कचहरी के पास रहता था। दोनों ने रांची के बीआइटी मेसरा से बी-फार्मा की पढ़ाई की थी और बाद में दवा निर्माण की फर्म शुरू की। जांच में पता चला है कि इस फर्म के माध्यम से 10 करोड़ रुपये से अधिक की दवाओं की फर्जी आपूर्ति की गई थी।
दिनेश राय को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और उसे सजा भी सुनाई जा चुकी है। लेकिन सत्येंद्र कुमार 2001 से सीबीआई द्वारा आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद से फरार था। बाद में उसकी नेपाल में दवा कंपनी शुरू करने की जानकारी मिली थी। कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी किया था, जिसके बाद से सीबीआई उसकी तलाश कर रही थी।
