लखनऊ में नर्सिंग छात्रा की मौत पर सपा नेता ने की निष्पक्ष जांच की मांग
दिव्यांशी यादव की मौत से नर्सिंग छात्रों में आक्रोश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के केजीएमयू मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी यादव की आकस्मिक मृत्यु ने छात्रों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस मामले में छात्रों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाजवादी पार्टी के नेता शरद यादव ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है।
शरद यादव ने कहा कि, "अटेंडेंस महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन किसी छात्र की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं। दिव्यांशी की मौत के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"
जानकारी के अनुसार, केजीएमयू परिसर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि दिव्यांशी यादव, जो वाराणसी की निवासी थी, को 11 सितंबर को तेज बुखार हुआ था। उसके साथी छात्रों ने उसे मेडिसिन ओपीडी में ले जाने का प्रयास किया।
16 सितंबर को दिव्यांशी की जांच में डेंगू पॉजिटिव पाया गया। छात्राओं का आरोप है कि डेंगू से गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने उसे छुट्टी नहीं दी, जिससे उसकी स्थिति बिगड़ती गई। 17 सितंबर की शाम को उसके माता-पिता हॉस्टल पहुंचे और उसे गंभीर हालत में वाराणसी ले गए, जहां एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
