लखनऊ में मुख्तार अंसारी की जमीन पर बने आवासीय भवनों पर संकट
मुख्तार अंसारी की जमीन पर बने भवनों का विवाद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के डालीबाग क्षेत्र में माफिया मुख्तार अंसारी की भूमि पर सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना के तहत एलडीए द्वारा भवनों का निर्माण किया गया है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जाती है, लेकिन अब इसमें एक नया मोड़ आ गया है। सिंचाई विभाग ने इन भवनों पर नोटिस चस्पा कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि ये अवैध रूप से बनाए गए हैं।

सिंचाई विभाग ने एलडीए की योजना को अतिक्रमण करार देते हुए इसे अपनी भूमि पर बताया है और तोड़ने का नोटिस जारी किया है। हालांकि, एलडीए के अधिकारियों ने इस नोटिस को छिपा रखा है। यदि सिंचाई विभाग का दावा सही साबित होता है, तो 72 फ्लैटों की यह योजना संकट में पड़ जाएगी।
यह योजना मुख्तार अंसारी के कब्जे से खाली कराई गई भूमि पर बनाई गई है। लगभग छह महीने पहले मुख्यमंत्री ने स्वयं आवंटियों को आवंटन पत्र वितरित किए थे और गृह प्रवेश का सामान भी दिया था। लेकिन, अब तक किसी आवंटी को गृह प्रवेश नहीं मिल पाया है। नोटिस के बाद, गुरुवार को सिंचाई विभाग का दल ध्वस्तीकरण के लिए पहुंचा, जिसके दौरान स्थानीय निवासियों और विभाग के अधिकारियों के बीच झड़प हुई।
सिंचाई विभाग ने कब्जा हटाने का नोटिस चस्पा किया और 7 दिन के भीतर कब्जा हटाने की चेतावनी दी। इस नोटिस से आवंटियों में हड़कंप मच गया। लोगों के विरोध के बाद विभाग ने नोटिस हटा दी और उस स्थान पर बाद में रंग पोत दिया गया।
