Newzfatafatlogo

लश्कर-ए-तैयबा ने हाफिज सईद के बेटे को बनाया नया ऑपरेशनल कमांडर

पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने अपने ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद को नया ऑपरेशनल कमांडर नियुक्त किया गया है, जिससे संगठन की कार्यप्रणाली में बदलाव की संभावना है। इस बदलाव के पीछे आईएसआई का प्रभाव और स्थानीय आतंकियों की भर्ती की योजना भी शामिल है। जानें इस नई रणनीति के बारे में और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 | 

लश्कर-ए-तैयबा की नई रणनीति

नई दिल्ली: पिछले वर्ष भारतीय सेना के ऐतिहासिक 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान गंभीर नुकसान उठाने वाले पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने अब खुद को पुनर्जीवित करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संगठन में आंतरिक विवादों के बाद एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। लश्कर ने अपने संस्थापक हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद को नया ऑपरेशनल कमांडर नियुक्त किया है, जिससे संगठन की कार्यप्रणाली और रणनीति में बड़े बदलाव की संभावना है।


हाफिज सईद की भूमिका में बदलाव

खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, लश्कर के पुराने धड़े के दबाव के कारण हाफिज सईद को पूरी तरह से संगठन से बाहर नहीं किया गया है। वह अब भी संगठन के मार्गदर्शक और वैचारिक प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे, लेकिन जमीनी अभियानों की जिम्मेदारी अब उनके बेटे तल्हा सईद को सौंप दी गई है। यह बदलाव संगठन के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है, ताकि भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा किए गए नुकसान से उबरा जा सके।


लश्कर का नया ढांचा और आईएसआई का प्रभाव

खुफिया रिपोर्टों से पता चलता है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की देखरेख में लश्कर ने अपने नेटवर्क का ढांचा बदल दिया है। आईएसआई के नए प्लान के तहत, लश्कर अब पाकिस्तान के भीतर तीन अलग-अलग क्षेत्रीय ऑपरेशनल कमांड के माध्यम से कार्य करेगा। इन कमांड को बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाक अधिकृत कश्मीर में बांटा गया है। इस ढांचे का उद्देश्य नेटवर्क को मजबूत और विकेंद्रीकृत करना है।


आतंकियों का सहारा और स्थानीय भर्ती की योजना

विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा बल बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हमलों से परेशान हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए, पाकिस्तानी सेना ने लश्कर के प्रशिक्षित आतंकियों को अपने साथ मिलाकर टीटीपी और बीएलए के खिलाफ लड़ाई में झोंक दिया है। इसके अलावा, लश्कर का नया नेटवर्क स्थानीय आतंकियों की भर्ती और स्लीपर सेल घुसपैठ कराने की योजना भी बना रहा है, ताकि अंदरूनी जानकारी जुटाई जा सके।