लुधियाना में डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि
लुधियाना में डेंगू और मलेरिया के मामले
लुधियाना में डेंगू के मामले: मानसून के आगमन के साथ, जिले में डेंगू और मलेरिया के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस मौसम में अब तक डेंगू के 15 और मलेरिया के 44 मामलों की पुष्टि की गई है। बारिश के बाद जलभराव से मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ गई है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम के उपायों को तेज कर दिया है।
जून की तुलना में मामलों में वृद्धि
जून में जिले में डेंगू के केवल 3 और मलेरिया के 21 मामले सामने आए थे। इसके बाद कुछ ही हफ्तों में संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। जून तक 2,200 से अधिक लोगों की डेंगू जांच की गई थी, जिनमें से तीन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
बारिश के बाद खतरे का बढ़ना
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बारिश के बाद उमस और जलभराव मच्छरों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। घरों के आसपास, छतों, कूलर, पुराने टायर और खुले कंटेनरों में जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए उपयुक्त स्थान बन सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी
मामलों को नियंत्रित करने के लिए, स्वास्थ्य विभाग की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में एंटी-लार्वा अभियान चला रही हैं। आवश्यक क्षेत्रों में फॉगिंग की जा रही है और मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों की जांच की जा रही है।
पानी जमा न होने दें
जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. सुप्रीत कौर ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, बाल्टी, पानी के डिब्बे, छत, गमले और पुराने टायर जैसी जगहों की नियमित जांच करनी चाहिए। यदि कहीं पानी जमा है, तो उसे तुरंत साफ करना आवश्यक है।
लोगों का सहयोग आवश्यक
स्वास्थ्य विभाग की टीमें रिहायशी इलाकों के साथ-साथ संस्थानों और अन्य संभावित स्थानों पर भी निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने में लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। छोटी सी लापरवाही भी बीमारी के फैलने का कारण बन सकती है।
