लुधियाना में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का अपमान, दलित समुदाय ने हाईवे किया जाम
डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का अपमान
लुधियाना: संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अपमान के खिलाफ दलित समुदाय ने बुधवार को दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर बाईपास चौक के पास दोपहर 4 बजे तक हाईवे को बंद रखने का निर्णय लिया है। इस जाम के कारण अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, अंबाला, करनाल और पानीपत की ओर यात्रा करने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जाम के चलते दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के समय स्कूल बसों के फंसने की संभावना है, जिससे बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानी हो सकती है। यातायात में रुकावट के कारण कई लोग आधे रास्ते से ही डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में लौटने की कोशिश कर रहे हैं।
दलित समुदाय ने इस घटना के विरोध में लुधियाना बंद करने का भी ऐलान किया है। हालांकि, शहर के अधिकांश बाजार अभी भी खुले हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी दुकानों को बंद कराने के लिए बाजारों में पहुंच रहे हैं।
जालंधर बाईपास चौक पर प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर चौक से आने-जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया है और यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि मंगलवार को कुछ असामाजिक तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को जूतों की माला पहनाकर अपमानित किया था। इस घटना के बाद इलाके में तनाव उत्पन्न हो गया था और लगभग साढ़े तीन घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण रही। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक प्रतिमा का अपमान करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
घटना के बाद बुधवार सुबह दलित समुदाय के सदस्यों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का दूध से अभिषेक किया। इसके अलावा, पुलिस ने प्रतिमा के आसपास CCTV कैमरे भी स्थापित कर दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। फिलहाल, जालंधर बाईपास चौक पर भारी पुलिस बल तैनात है और हाईवे पर यातायात को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
