लोकसभा में पेपर लीक रोकने के लिए नए विधेयक पर बहस
संसद में पेपर लीक रोकने पर चर्चा
लोकसभा में पेपर लीक से संबंधित संशोधन विधेयक पर विस्तृत चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) के नेता और सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई। रिजिजू ने अखिलेश को इमरजेंसी की याद दिलाई, जिस पर SP प्रमुख ने जवाब देते हुए कहा कि यदि इमरजेंसी की बात हो रही है, तो बदलाव निश्चित है।
NEET-UG पेपर लीक का मुद्दा
पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित अमेंडमेंट बिल पर लगभग 10 घंटे तक चर्चा हुई। अखिलेश यादव ने NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के चलते सरकार के पास कोई विकल्प नहीं बचा था, जिसके कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
इमरजेंसी पर तीखी बहस
चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'क्या बेहतर है? एक ऐसी सरकार जो छात्रों के आंदोलन को सुनकर संसद में बिल लाए या एक ऐसी सरकार जो आंदोलन को दबाने के लिए इमरजेंसी लागू करे?' इस पर अखिलेश यादव ने कहा, 'मैंने इमरजेंसी का अनुभव नहीं किया, लेकिन इसकी छाया हमने यहां देखी है। समस्या कानून की नहीं, आपकी नीयत की है। जब आपकी नीयत साफ होगी, तब परीक्षा प्रणाली भी सुधर जाएगी।'
प्रधानमंत्री को बचाने का आरोप
अखिलेश यादव ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह संसद पहुंचे, तो उनका स्वागत किया गया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, 'एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया गया।' इस पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
पेपर लीक विवाद के बाद नया विधेयक
NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ कई सप्ताह तक छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री को हटाने, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की थी। इसी बीच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मानसून सत्र से पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके बाद सरकार ने लोकसभा में पेपर लीक रोकने के लिए नया विधेयक पेश किया, जिसमें परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और दंड का प्रावधान किया गया है।
