वाराणसी में एमएलसी चुनाव के दौरान सीसीटीवी कैमरा बंद होने पर उठे सवाल
स्ट्रांगरूम की सुरक्षा पर उठे सवाल
वाराणसी: एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान स्ट्रांगरूम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा ने आरोप लगाया है कि स्ट्रांगरूम का सीसीटीवी कैमरा लगभग 10 मिनट तक बंद रहा। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह घटना अधिकारियों की उपस्थिति में हुई थी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि देर रात करीब डेढ़ घंटे तक कैमरा बंद रहा।
स्ट्रांगरूम में चुनाव से संबंधित सामग्री की सुरक्षा के लिए निगरानी बेहद आवश्यक होती है। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे के बंद होने की जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया।
एमएलसी मतगणना के बीच 10 मिनट तक बंद रहा स्टोर रूम का CCTV, मचा हड़कंप.
कैमरा बंद होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा मौके पर मौजूद#Varanasi #upnews #MLCElection pic.twitter.com/Cf14aIyUyW— NavBharat Live (@TheNavbharatliv) October 26, 2026
आशुतोष सिन्हा ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कैमरा बंद रहने की अवधि और इसके कारणों की जांच की जाए। उनके आरोपों के बाद यह जानना आवश्यक हो गया है कि कैमरा किन परिस्थितियों में बंद हुआ और उस समय स्ट्रांगरूम की सुरक्षा के लिए क्या वैकल्पिक उपाय किए गए थे।
हालांकि, कैमरा बंद होने के पीछे तकनीकी खराबी या अन्य कारणों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। इसी तरह, देर रात डेढ़ घंटे तक निगरानी बाधित रहने के दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले की सही स्थिति को स्पष्ट करने के लिए सीसीटीवी सिस्टम के तकनीकी रिकॉर्ड, कैमरे के संचालन से जुड़ी जानकारी और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट महत्वपूर्ण हो सकती है।
चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी व्यवस्था का लगातार काम करना और किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रखना आवश्यक है। अब यह देखना होगा कि चुनाव आयोग इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और जांच के बाद कैमरा बंद रहने के कारणों के बारे में क्या जानकारी सामने आती है।
