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विनोद कांबली का वायरल वीडियो: ठाणे के वृद्धाश्रम में मिली सुविधाओं की तारीफ

पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह ठाणे के एक वृद्धाश्रम में सुविधाओं की सराहना कर रहे हैं। कांबली ने बताया कि उन्हें वहां प्यार और सम्मान मिल रहा है, जिससे उन्हें घर से दूर होने का अहसास नहीं हो रहा। हालांकि, उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं भी हैं। जानें उनके क्रिकेट करियर और सचिन तेंदुलकर के साथ की गई रिकॉर्ड साझेदारी के बारे में।
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कांबली का वायरल वीडियो

मुंबई - पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में कांबली ठाणे के 'निदान सेंटर फॉर एल्डरली केयर' में दिखाई दे रहे हैं, जहां वह वहां की सुविधाओं और लोगों के व्यवहार की सराहना कर रहे हैं।


कांबली ने वीडियो में कहा कि यहां की सुविधाएं बेहतरीन हैं और उन्हें लोगों से बहुत प्यार और सम्मान मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें ऐसा नहीं लग रहा कि वह अपने घर से दूर हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कांबली वृद्धाश्रम में क्यों पहुंचे हैं या वह वहां स्थायी रूप से रह रहे हैं।




स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे कांबली

विनोद कांबली हाल ही में स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी समस्याओं के कारण चर्चा में रहे हैं। इससे पहले भी उनके कई वीडियो सामने आए थे, जिनमें उन्हें चलने-फिरने में कठिनाई होती दिखाई दी थी।


कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने उनके स्वास्थ्य और याददाश्त को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि कांबली को कई चीजें याद रखने में कठिनाई होती है, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है।


कांबली का क्रिकेट करियर

विनोद कांबली ने 1993 से 2000 के बीच भारत के लिए क्रिकेट खेला। उन्होंने 17 टेस्ट मैचों में 1,084 रन बनाए, जिसमें चार शतक शामिल हैं। वहीं, 104 वनडे मैचों में उनके नाम 2,477 रन हैं, जिसमें दो शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं।


घरेलू क्रिकेट में कांबली ने 2004 में आखिरी बार खेला था। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 9,665 रन बनाए, और उनका सर्वोच्च स्कोर 262 रन रहा।


सचिन तेंदुलकर के साथ रिकॉर्ड साझेदारी

कांबली और सचिन तेंदुलकर बचपन के दोस्त रहे हैं। दोनों ने मुंबई के शारदाश्रम विद्यामंदिर में खेलते हुए स्कूल क्रिकेट में 664 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की थी, जिसमें कांबली ने नाबाद 349 रन बनाए थे।


इस साझेदारी के बाद दोनों युवा क्रिकेटरों ने राष्ट्रीय स्तर पर काफी सुर्खियां बटोरीं। तेंदुलकर ने 1988 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जबकि कांबली ने 1989 में रणजी ट्रॉफी से अपने करियर की शुरुआत की।