विपक्ष का आंदोलन तेज, राष्ट्रपति भवन तक मार्च की तैयारी
विपक्षी INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के आरोपों के चलते विपक्षी INDIA गठबंधन ने अपने आंदोलन को और तेज कर दिया है। लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, विपक्षी सांसद शुक्रवार को फिर से सड़कों पर उतरने की योजना बना रहे हैं। उनकी रणनीति के अनुसार, सांसद संसद भवन में एकत्रित होकर राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करेंगे।
विपक्षी दल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर SIR प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की जानकारी देना चाहते हैं। इसके साथ ही, वे मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाने की औपचारिक मांग भी राष्ट्रपति के समक्ष रखेंगे।
हालांकि, राष्ट्रपति भवन की ओर से विपक्षी प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात के लिए अभी तक कोई आधिकारिक समय नहीं दिया गया है। इस बीच, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे जैसे कई प्रमुख नेताओं से फोन पर बातचीत की है। उन्होंने इन नेताओं से दिल्ली आकर आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया है।
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता से दिल्ली जाने से पहले इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उन्हें वोट चोरी के गंभीर मुद्दे पर राजधानी आने के लिए कहा गया है।
आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए विपक्षी गठबंधन के सभी सांसद शुक्रवार को दोपहर 3 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने की योजना है। विपक्षी सूत्रों के अनुसार, यदि राष्ट्रपति से मुलाकात का समय नहीं मिलता है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
विपक्ष ने संकेत दिया है कि प्रदर्शन के लिए उनके पास कई विकल्प हैं, जिसमें सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन और उपराष्ट्रपति आवास के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर प्रदर्शन करना भी शामिल है।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, विपक्षी गठबंधन ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए पहला अनुरोध 2 अक्टूबर को भेजा था। इसके बाद राष्ट्रपति भवन ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं की सूची मांगी। विपक्ष ने 5 अक्टूबर को नेताओं के नाम भेजते हुए 7, 8 या 9 अक्टूबर को मुलाकात का समय देने का अनुरोध किया था। हालांकि, अब तक राष्ट्रपति भवन की ओर से मुलाकात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
