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विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग में मतभेदों पर उठाया सवाल, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग

विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग में हाल ही में सामने आए मतभेदों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मुद्दे पर शरद पवार की पार्टी ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर बताया, जबकि अरविंद केजरीवाल ने ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने की मांग की है। इस विवाद के पीछे चुनाव आयोग के दो आयुक्तों द्वारा दर्ज की गई 14 आपत्तियाँ हैं, जो विपक्ष के अनुसार गंभीर मतभेदों का संकेत देती हैं। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
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नई दिल्ली में चुनाव आयोग पर विवाद

नई दिल्ली। चुनाव आयोग में हाल ही में सामने आए मतभेदों की खबरों के बाद विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार ने इस मुद्दे पर तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक दल का मामला नहीं है, बल्कि यह सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर बताया, जबकि अरविंद केजरीवाल ने कार्रवाई की मांग की। वाम दलों ने भी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की है।


विपक्ष की आपत्तियों का कारण

जानें दो चुनाव आयुक्तों की 14 आपत्तियों पर विपक्ष क्यों भड़का?

विवाद की शुरुआत उस रिपोर्ट से हुई, जिसमें कहा गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ निर्णयों पर 14 बार आपत्ति जताई। रिपोर्ट में नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम हटाने और बहाल करने, फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाता सूची के प्रबंधन से संबंधित मुद्दों का उल्लेख किया गया। विपक्षी नेताओं ने इसे चुनाव आयोग के भीतर गंभीर मतभेदों का संकेत बताया है। हालांकि, आयोग के सूत्रों ने कहा कि सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।


सुप्रिया सुले की चिंता

सुप्रिया सुले ने कहा कि अगर व्यवस्था ही कमजोर पड़ने लगे तो देश में भरोसा किस पर किया जाए?

सुप्रिया सुले ने कहा कि चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबर गंभीर है और इस पर सभी राजनीतिक दलों के साथ खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह हर नागरिक के अधिकार से जुड़ा मामला है और इसे राजनीतिक मुद्दे के रूप में नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपों की सच्चाई पर खुली चर्चा होनी चाहिए।


अखिलेश यादव का बयान

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर क्या सवाल उठाए?

सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान के भीतर अधिकारियों की ओर से बार-बार आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं, तो इससे यह सवाल उठता है कि आयोग किसके हित में काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है।


अरविंद केजरीवाल की मांग

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ की कार्रवाई की मांग

केजरीवाल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि पिछले कुछ वर्षों में हुए सभी चुनावों को रद्द कर दोबारा कराया जाए।


वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस का रुख

वाम दल और तृणमूल कांग्रेस ने क्या रुख अपनाया?

माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने चुनाव आयोग के खिलाफ तीखी टिप्पणी की और ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने भी ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव का मुद्दा उठाया।


कांग्रेस का बयान

अगर रिपोर्ट में बताए गए तथ्य सही हैं तो इससे चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल पैदा होते

कांग्रेस नेताओं ने भी रिपोर्ट को लेकर आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी इस मामले पर विस्तार से प्रतिक्रिया देगी।


चुनाव आयोग का पक्ष

चुनाव आयोग का इस पूरे विवाद पर क्या पक्ष है?

चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। विपक्ष जहां 14 आपत्तियों को गंभीर मतभेद मान रहा है, वहीं आयोग का कहना है कि सभी टिप्पणियां सामान्य विचार-विमर्श का हिस्सा हैं।