विश्व मानक दिवस 2026: स्वच्छ ऊर्जा के लिए मानकों का महत्व
विश्व मानक दिवस का आयोजन
चंडीगढ़: भारतीय मानक ब्यूरो के उत्तर क्षेत्रीय कार्यालय ने होटल शिवालिकव्यू, चंडीगढ़ में विश्व मानक दिवस 2026 का आयोजन किया। इस वर्ष का विषय था “बेहतर विश्व के लिए साझा दृष्टिकोण- सतत विकास लक्ष्य-7: किफायती एवं स्वच्छ ऊर्जा।”
विश्व मानक दिवस का महत्व
हर साल 14 अक्टूबर को विश्व मानक दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मानकों की भूमिका को उजागर करना और उन विशेषज्ञों का सम्मान करना है, जो इन मानकों के विकास में योगदान देते हैं।
मुख्य अतिथि का संबोधन
इस अवसर पर हरियाणा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री राजेश नागर मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने मानकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत वैश्विक मानकीकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उद्योग और उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता
श्री नागर ने उद्योग और उपभोक्ताओं के बीच गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मानकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की भूमिका इस संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चंडीगढ़ के महापौर का योगदान
चंडीगढ़ के महापौर श्री सौरभ जोशी ने मानकों की भूमिका को उजागर करते हुए कहा कि शहरों को सुरक्षित और दक्ष बनाने में मानकों का योगदान महत्वपूर्ण है।
सतत विकास लक्ष्यों पर चर्चा
भारतीय मानक ब्यूरो के उप महानिदेशक श्री दीपक कुमार सिंगला ने मानकीकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानक केवल तकनीकी दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि वे गुणवत्ता और सुरक्षा की एक साझा भाषा हैं।
तकनीकी सत्र का आयोजन
“स्वच्छ ऊर्जा एवं सतत निर्मित पर्यावरण को सक्षम बनाने में मानकों की भूमिका” विषय पर तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें कई विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में भारतीय मानक ब्यूरो ने मानकीकरण के माध्यम से गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
