वृंदावन में साधक की संदिग्ध मौत: जांच में नए सवाल उठे
संदिग्ध मौत की जांच में नए पहलू
मथुरा। वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के अनुयायी रसिक दुलारी शरण, जिन्हें दीपक लोधी के नाम से भी जाना जाता है, की संदिग्ध मौत की जांच में कई नए सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने CCTV फुटेज में देखा है कि साधक छत से गिरते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन घटना से पहले उनके कमरे में क्या हुआ, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है।
पोस्टमार्टम में चोटों के निशान
इस मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि पोस्टमार्टम के दौरान उनके शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए हैं। इसके अलावा, प्राईवेट पार्ट पर भी गंभीर चोट की जानकारी मिली है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि ये चोटें कैसे लगीं और क्या इनका संबंध मौत से पहले की घटनाओं से है।
ग्राइंडर की बरामदगी और जांच
जांच के दौरान साधक के कमरे से एक ग्राइंडर भी बरामद किया गया है। पुलिस ने इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है ताकि फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच की जा सके। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक का प्राईवेट पार्ट कट गया था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह चोटें उन्होंने खुद लगाईं या किसी और का हाथ था।
ब्लड सैंपल की जांच
पुलिस ने मृतक का ब्लड सैंपल भी सुरक्षित कर लिया है और इसे FSL भेजा गया है। इसका परीक्षण यह जानने के लिए किया जा रहा है कि क्या घटना से पहले उनके शरीर में कोई नशीला या जहरीला पदार्थ था। ब्लड रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के अन्य परिणाम मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
चोटों की संख्या और संभावनाएं
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छह स्थानों पर चोट के निशान पाए जाने की जानकारी मिली है, जिसमें पैर की हड्डी और पसली में फ्रैक्चर के साथ सिर में गंभीर चोट का उल्लेख है। पुलिस इन चोटों को CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ जोड़कर देख रही है।
जांच की दिशा
फिलहाल, पुलिस आत्महत्या, हादसा या किसी अन्य कारण की संभावना पर विचार कर रही है। सीओ वृंदावन संदीप कुमार के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का मुख्य कारण माना गया है। उन्होंने कहा कि मौत के वास्तविक कारण का पता जांच पूरी होने और फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही चलेगा।
