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वेनेजुएला में भूकंप से तबाही: 164 मृतक और 971 घायल

वेनेजुएला में आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 164 लोगों की जान चली गई और 971 लोग घायल हुए हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपातकाल की घोषणा की है। भूकंप के झटके पूरे देश में महसूस किए गए, और हताहतों की संख्या हजारों में होने की आशंका है। कई देशों ने सहायता की पेशकश की है, जिसमें भारत और अमेरिका शामिल हैं। जानें इस त्रासदी के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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भूकंप की तबाही


दक्षिण अमेरिका के देश वेनेजुएला में आए भूकंप के कारण 164 लोगों की जान चली गई है, जबकि लगभग 971 लोग घायल हुए हैं। इस त्रासदी में हताहतों की संख्या हजारों में होने की आशंका जताई जा रही है।


कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इस आपदा की गंभीरता को देखते हुए देश में आपातकाल की घोषणा की है।


अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप बुधवार शाम 6:04 बजे (भारतीय समयानुसार गुरुवार तड़के 3:34 बजे) वेनेजुएला के मोरोन शहर से 16 किलोमीटर और सैन फेलिप से 24 किलोमीटर दूर आया। पहले भूकंप के तुरंत बाद दूसरा भूकंप आया, जिसकी तीव्रता क्रमशः 7.2 और 7.5 मापी गई। भूकंप के झटके वेनेजुएला के अलावा लैटिन अमेरिका के अन्य देशों में भी महसूस किए गए।


राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने बताया कि राजधानी काराकस से लेकर तटीय शहर कैटिया ला मार तक इमारतें गिरने की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या 164 हो गई है और एक हजार से अधिक लोग घायल हैं। हालांकि, स्वतंत्र एजेंसियों के अनुसार, हताहतों की संख्या हजारों में हो सकती है। बीबीसी ने एक अमेरिकी एजेंसी के हवाले से कहा कि मृतकों की संख्या कम से कम 10,000 तक पहुंच सकती है और घायलों की संख्या एक लाख के पार जा सकती है। रोड्रिगेज ने खोज और बचाव के लिए एक विशेष टास्क फोर्स की स्थापना की है।


वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष ने बताया कि तटीय राज्य ला गुएरा सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। देशभर में स्कूलों में कक्षाएं एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई हैं, और रेल सेवाएं तथा अन्य गैर-जरूरी गतिविधियां अस्थायी रूप से रद्द कर दी गई हैं। काराकस का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी अस्थायी रूप से बंद है। वेनेजुएला के सुरक्षा बलों सहित सैकड़ों कर्मचारी अब संकट से निपटने के लिए मौके पर मौजूद हैं।


इस विनाशकारी आपदा के बाद, विश्व के प्रमुख देशों ने वेनेजुएला की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भीषण भूकंप में जानमाल के नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। मोदी ने कहा कि भारत इस कठिन समय में हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सहायता की पेशकश की है, यह कहते हुए कि वाशिंगटन 'मदद के लिए तैयार और सक्षम है।' अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका 'तुरंत वेनेजुएला में खोज और बचाव दल, चिकित्सा संसाधन और मानवीय सहायता भेज रहा है।' कोलंबिया, मैक्सिको, पेरू, अर्जेंटीना, तुर्की और पनामा जैसे कई अन्य देशों ने भी संवेदना और सहायता की पेशकश की है।


राष्ट्रपति रोड्रिगेज के अनुसार, अमेरिका, पनामा, कतर, क्यूबा, निकारागुआ, तुर्की, जॉर्डन, कोलंबिया, बारबाडोस, इंग्लैंड, ब्राजील और मेक्सिको ने तुरंत वेनेजुएला का सहयोग करने के लिए आगे आए हैं। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी वेनेजुएला सरकार से संपर्क किया है और प्राकृतिक आपदा से निपटने में मदद का आश्वासन दिया है।