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वैभव सूर्यवंशी: भारतीय क्रिकेट का युवा सितारा, डोमिनेशन का सपना

वैभव सूर्यवंशी, भारतीय क्रिकेट का सबसे युवा सितारा, ने राजस्थान रॉयल्स के साथ अपने सपनों और लक्ष्यों का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य अगले 10-20 वर्षों तक क्रिकेट में राज करना है। वैभव ने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में खेलने की इच्छा व्यक्त की है और IPL 2026 के फाइनल में खेलने का सपना देखा है। उनके माता-पिता भी इंग्लैंड और आयरलैंड के दौरे पर उनके साथ जाएंगे। जानें उनके अनुभव और क्रिकेट के प्रति उनके जुनून के बारे में।
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वैभव सूर्यवंशी: भारतीय क्रिकेट का युवा सितारा, डोमिनेशन का सपना

वैभव सूर्यवंशी का सपना

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे युवा सदस्य वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने टीम इंडिया में शामिल होने के बाद राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के साथ एक इंटरव्यू में अपने लक्ष्यों का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल अच्छा खेलना नहीं है, बल्कि अगले 10-20 वर्षों तक क्रिकेट में राज करना है।


क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में खेलने की इच्छा

वैभव ने अपने सपनों के बारे में बात करते हुए कहा कि वह क्रिकेट के सभी तीन प्रारूपों में खेलना चाहते हैं। राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर के साथ बातचीत में उन्होंने IPL 2026 के फाइनल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब विराट कोहली ने उनके कंधे पर हाथ रखा, तो यह एक सपने जैसा अनुभव था। 15 साल की उम्र में, वैभव भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज और सितंबर में एशियन गेम्स के लिए चुना गया है।


IPL 2026 की यात्रा

रोमी भिंडर ने वैभव से IPL 2026 की यात्रा के बारे में पूछा। वैभव ने बताया कि IPL का टूर्नामेंट दो से ढाई महीने तक चलता है, जिसमें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत रहना आवश्यक है। हर मैच के बाद, टीम चर्चा करती थी कि क्या कमी रह गई और उसे कैसे सुधारना है। इस प्रक्रिया ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया।


ऑरेंज कैप का सपना

ऑरेंज कैप छूने का शौक था, आज पहन रहा हूं

रोमी भिंडर ने वैभव को याद दिलाया कि जब उन्हें पहली बार ऑरेंज कैप मिली थी, तब उन्होंने हनुमान मंदिर जाकर कहा था कि वह इसके बारे में नहीं सोचेंगे। वैभव ने मुस्कुराते हुए कहा कि अब जब वह खुद इसे पहन रहे हैं, तो यह बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने इसके बारे में नहीं सोचा, क्योंकि उन्हें लगता था कि ज्यादा सोचने से नजर लग सकती है।


फाइनल में खेलना चाहते थे

फाइनल खेलता तो और ज्यादा अच्छा लगता

जब वैभव से उनके प्रदर्शन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अगर टीम जल्दी विकेट नहीं गंवाती, तो वे फाइनल खेल सकते थे। उन्होंने कहा कि अगर टीम ट्रॉफी जीतती, तो उन्हें और खुशी होती।


रेड-बॉल क्रिकेट में रुचि

मुझे रेड बॉल खेलना है पसंद

वैभव ने कहा कि उन्होंने सुनील गावस्कर से भी इस बारे में बात की थी कि वह रेड-बॉल क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि वह लगातार प्रैक्टिस कर रहे हैं और अपने राज्य के लिए भी कई रेड-बॉल मैच खेले हैं।


राजस्थान रॉयल्स के प्रति आभार

राजस्थान रॉयल्स में सिलेक्ट होने के बाद भगवान को हजार बार थैंक्यू बोला

वैभव ने कहा कि जब IPL ऑक्शन में उनकी बोली लगी, तो उन्होंने सोचा कि केवल दो टीमों ने ही बोली क्यों लगाई। लेकिन उन्होंने राजस्थान रॉयल्स का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह पिछले डेढ़ साल से इस टीम का हिस्सा हैं।


फैंस का समर्थन

फैंस के सपोर्ट को शब्दों में बयां नहीं कर सकता

वैभव ने कहा कि फैंस का समर्थन उनके लिए बहुत खास है। जब वह पटना एयरपोर्ट पर उतरते हैं, तो उन्हें घर जैसा महसूस होता है।


लाइसेंस मिलने के बाद ही कार चलाऊंगा

लाइसेंस मिलने के बाद ही कार चलाऊंगा

वैभव ने कहा कि वह अपनी कार को तीन साल तक पास रखेंगे और लाइसेंस मिलने के बाद ही उसे चलाएंगे।


सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का मौका

सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले भारतीय बन सकते हैं वैभव

अगर वैभव को इंग्लैंड-आयरलैंड टूर या एशियन गेम्स में खेलने का मौका मिलता है, तो वह भारत के सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे।


माता-पिता का साथ

वैभव के साथ इंग्लैंड-आयरलैंड जाएंगे उनके माता-पिता

BCCI ने वैभव के माता-पिता को टीम के साथ यात्रा करने की अनुमति दी है, ताकि वह सीनियर टीम के माहौल में आसानी से ढल सकें।