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वैशाली में नाव हादसे से मचा कोहराम, 13 बच्चों की जान गई

बिहार के वैशाली जिले में एक नाव हादसे ने 13 बच्चों की जान ले ली, जिससे पूरे गांव में मातम छा गया है। इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ गया है, क्योंकि आरोप है कि नाव की स्थिति जर्जर थी। जिलाधिकारी वर्षा सिंह भी इस घटना से भावुक हो गईं और परिजनों के साथ रोने लगीं। जानें इस हादसे की पूरी कहानी और प्रशासन की कार्रवाई की योजना।
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वैशाली में दर्दनाक नाव दुर्घटना

वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक नाव दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। इस दुखद घटना के बाद गांवों में शोक का माहौल है। भोज खाने के लिए निकले 13 बच्चों की डूबने से मृत्यु हो गई। इस हादसे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक ही गांव से कई बच्चों की अर्थियां उठीं। हर तरफ चीख-पुकार सुनाई दे रही है और गांव के घरों में चूल्हे तक नहीं जल रहे हैं। वहीं, अस्पताल में मृतक बच्चों के परिजनों का दुख देखकर जिलाधिकारी वर्षा सिंह भी खुद को संभाल नहीं पाईं और परिजनों के गले लगकर रोने लगीं। इस दृश्य ने वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों को नम कर दिया।


एक ही परिवार से उठीं सात अर्थियां

एक घर से उठीं सात अर्थियां, दूसरे परिवार के पांच बच्चों की मौत

इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि इसने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया। जानकारी के अनुसार, एक ही घर से सात बच्चों के शव निकाले गए, जबकि दूसरे घर से पांच बच्चियों की जान गई। एक अन्य घर के एक बच्चे की भी मृत्यु हुई। एक साथ इतनी अर्थियां उठने से रामपुर श्यामचंद गांव में शोक का माहौल है। जिन घरों में पहले खुशियां थीं, वहां अब मातम छाया हुआ है। पूरे गांव में चीख-पुकार मची हुई है और शोक के कारण घरों में चूल्हे तक नहीं जल रहे हैं।


भोज खाने जा रहे थे लोग, नाव पलट गई

भोज खाने जा रहे थे करीब 20 लोग, बीच ढाब में पलटी जर्जर नाव

बताया गया है कि रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला में माता महारानी स्थान के पास भोज का आयोजन किया गया था। गांव के लगभग 20 लोग एक छोटी और जर्जर नाव पर सवार होकर भोज खाने जा रहे थे। जैसे ही नाव बीच ढाब में पहुंची, ओवरलोडिंग और खराब स्थिति के कारण यह पलट गई। देखते ही देखते नाव पर सवार लोग गहरे पानी में डूबने लगे।


मां का दर्द और प्रशासन की जिम्मेदारी

सात बच्चियों के शवों से लिपटकर रो रही थी मां, परिजनों को संभाल नहीं पाईं डीएम

अस्पताल में एक मां अपनी सात बच्चियों के शवों से लिपटकर रो रही थी। अपने बच्चों को खोने के दुख में डूबी मां की हालत देखकर जिलाधिकारी वर्षा सिंह भी भावुक हो गईं। वह खुद को रोक नहीं पाईं और मृतक बच्चों के परिजनों के गले लगकर रोने लगीं। इस हादसे ने न केवल प्रभावित परिवारों को, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।


ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति आक्रोश

अंचल प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश

इस दुखद घटना को लेकर ग्रामीणों में अंचल प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई नाव जर्जर थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ और कई लोगों की जान गई।


DM का बयान और कार्रवाई की योजना

सूर्यास्त के बाद नाव का परिचालन नहीं करना है जो परिचालन कर रहे थे, निश्चित तौर पर उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी : DM वर्षा सिंह

वैशाली जिले के राघोपुर में नाव पलटने की घटना पर DM वर्षा सिंह ने कहा कि सूचना मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। 13 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें 9 बच्चियों और 4 बच्चों के शव शामिल हैं। 6 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनका इलाज NMCH में चल रहा है। यह नाव निजी तौर पर पंजीकृत है और इसके संबंध में स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट आ चुकी है। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने पहले ही निर्देश दिए थे कि सूर्यास्त के बाद नाव का परिचालन नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद यह घटना हुई है। जिनकी नाव है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वे अपने तंत्र के माध्यम से इन घटनाओं को रोकें। यह एक चूक है और इसमें कार्रवाई होगी। वर्तमान में 8 नौकाएं SDRF की कार्यरत हैं। हम स्थानीय स्तर पर दो SDRF के स्टेशन बनाने की योजना बना रहे हैं।