वैशाली में पुलिस ने पकड़ी 6,132 लीटर अवैध शराब, तस्करों का नया तरीका चौंकाने वाला
वैशाली में शराब तस्करी का नया तरीका
वैशाली : बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद, शराब तस्कर पुलिस को धोखा देने के लिए नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। हाल ही में वैशाली जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां तस्करों ने एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने एक बड़े ट्रक में जलजीरा की बोतलें इस तरह से लाद रखी थीं कि पहली नजर में किसी को संदेह न हो। यह पूरी तरह से वैध माल जैसा दिख रहा था, लेकिन असली खेल कुछ और था। जब पुलिस ने जलजीरा की बोतलों की परत हटाई, तो नीचे से विदेशी शराब का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
मुखबिर की सूचना और पुलिस की कार्रवाई
वैशाली पुलिस को मुखबिरों से एक बड़ी खेप के आने की सूचना मिली थी। इस जानकारी के आधार पर, पुलिस ने ऑपरेशन नीलकंठ के तहत कार्रवाई की और संदिग्ध ट्रक को रोक लिया। प्रारंभिक जांच में केवल जलजीरा की बोतलें ही नजर आईं, जिससे ऐसा लगा कि यह सामान्य माल है। लेकिन पुलिस अधिकारियों को कुछ गड़बड़ होने का संदेह था। इसी आधार पर, उन्होंने ट्रक का पूरा माल नीचे उतरवाने का निर्णय लिया। जब ऊपरी परत हटाई गई, तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। ट्रक के गुप्त हिस्सों से 6,132 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 50 लाख रुपये है।
चालक और खलासी फरार
पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही ट्रक का चालक और खलासी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। हालांकि, पुलिस ने केवल बरामदगी पर संतोष नहीं किया, बल्कि इस पूरे नेटवर्क की तहकीकात शुरू कर दी। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय पूछताछ के जरिए पुलिस ने इस अवैध कारोबार के पीछे के असली चेहरों को उजागर किया। जांच में पता चला कि इस खेप के पीछे जिले के दो कुख्यात शराब माफिया विपिन सिंह और पंकज ठाकुर का हाथ है। पुलिस का दावा है कि यह पूरा सिंडिकेट इन्हीं माफियाओं के इशारे पर काम कर रहा था।
ऑपरेशन नीलकंठ से तस्करों पर नकेल
वैशाली के एसपी शुभांक मिश्रा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि फरार चालक, खलासी और दोनों नामजद शराब माफियाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की विशेष टीमें इन आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब की यह खेप किस राज्य से लाई गई थी और इसे राज्य के किन हिस्सों में सप्लाई किया जाना था। बिहार में शराबबंदी के बाद से तस्कर विभिन्न तरीकों का सहारा लेते रहे हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन नीलकंठ के जरिए ऐसे सभी नेटवर्क को समाप्त किया जाएगा।
