शालिनी सिंह की राजनीति में एंट्री: बृजभूषण शरण सिंह की बेटी ने दी संकेत
बुलंदशहर में शालिनी सिंह का राजनीतिक कदम
बुलंदशहर: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के परिवार का एक और सदस्य अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने की तैयारी कर रहा है। उनकी बेटी शालिनी सिंह ने हाल ही में एक निजी कार्यक्रम में चुनावी राजनीति में आने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान पार्टी या टिकट से नहीं, बल्कि उसके नेतृत्व और जनता के लिए किए गए कार्यों से होती है। यदि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उन्हें चुनाव लड़ने का निर्देश देता है, तो वह चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।
15 वर्षों का सामाजिक अनुभव और संघ से जुड़ाव
शालिनी सिंह ने बताया कि वह पिछले 15 वर्षों से नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं और अब राजनीति के माध्यम से व्यापक जनसेवा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वह केवल पक्ष या विपक्ष देखकर नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने में विश्वास रखती हैं। शालिनी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की महिला शाखा 'राष्ट्र सेविका समिति' से भी जुड़ी हुई हैं और हाल ही में उन्होंने इस शाखा का सर्वोच्च प्रशिक्षण पूरा किया है। यह उनके भाजपा में शामिल होने की संभावना को और मजबूत करता है।
राजनीतिक परिवार की विरासत
शालिनी सिंह एक ऐसे परिवार से आती हैं जिसकी राजनीतिक जड़ें गहरी हैं। उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह छह बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष भी रहे हैं। उनकी मां केतकी देवी सिंह भी 1996 में गोंडा से सांसद रह चुकी हैं। उनके बड़े भाई प्रतीक भूषण सिंह गोंडा सदर सीट से भाजपा के विधायक हैं, जबकि छोटे भाई करण भूषण सिंह कैसरगंज से वर्तमान भाजपा सांसद हैं। शालिनी का ससुराल भी राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है; उनकी शादी पूर्व सांसद अजीत सिंह और मीना सिंह के बेटे विशाल सिंह से हुई है। इस मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि के साथ, शालिनी की एंट्री उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल ला सकती है।
