शाहजहांपुर में मंदिर के सेवादारों की हत्या से मचा हड़कंप
मंदिर परिसर में मिले जले हुए शव
शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में एक प्राचीन मंदिर के परिसर में बृहस्पतिवार सुबह दो सेवादारों के जले हुए शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आशंका जताई जा रही है कि दोनों की हत्या के बाद शवों को जलाया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में इकट्ठा हो गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
मृतकों की पहचान गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों सेवादार मंदिर परिसर में निवास करते थे और धार्मिक कार्यों में सक्रिय रूप से सेवा करते थे। जब सुबह ग्रामीण मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने दोनों के शव एक-दूसरे से लगभग 10 मीटर की दूरी पर पड़े हुए देखे, जो बुरी तरह जल चुके थे। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही एसपी सौरभ दीक्षित पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने सबूत इकट्ठा किए। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
संभावित जमीन विवाद की जांच
एसपी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि देवस्थान की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से यह वारदात की गई हो सकती है। पुलिस को गांव के निवासी सुमित सिंह पर शक है, जिसकी तलाश की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सुमित हाल ही में जेल से बाहर आया था और कथित तौर पर दोनों सेवादारों पर मंदिर छोड़ने का दबाव बना रहा था।
पुलिस ने इस घटना के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। हत्या के पीछे जमीन विवाद और अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस संदिग्ध की तलाश के साथ-साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
