शिमला पुलिस ने तीन कर्मियों को किया निलंबित, जानें कारण
पुलिस प्रशासन की सख्त कार्रवाई
शिमला पुलिस ने अनुशासनहीनता और आचरण नियमों के उल्लंघन के चलते तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इनमें एक सब-इंस्पेक्टर, एक कांस्टेबल और एक हेड कांस्टेबल शामिल हैं। निलंबन के साथ ही इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है। शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों ने शिकायतों की जांच के बाद यह निर्णय लिया। पुलिस का कहना है कि अनुशासित बल होने के नाते ड्यूटी के दौरान लापरवाही, शराब का सेवन या आचरण नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।
सब-इंस्पेक्टर पर राजनीतिक गतिविधियों का आरोप
सूत्रों के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर चिंतामणी पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर राजनीतिक गतिविधियों से संबंधित एक पोस्ट साझा की। पुलिस विभाग के कर्मचारियों को राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने या उनका समर्थन करने की अनुमति नहीं होती, जिसके चलते उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
ड्यूटी के दौरान नशे में पाए गए कांस्टेबल
कांस्टेबल राजेश और हेड हेड कांस्टेबल अनूप पर आरोप है कि वे ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में थे। निलंबन के बाद, दोनों को पुलिस लाइन शिमला में तैनात किया गया है। उनकी ड्यूटी अक्सर आरोपियों को अदालत में पेश करने के लिए होती थी। पुलिस को पहले भी उनके खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं कि वे ड्यूटी के दौरान नशे में रहते हैं।
विभागीय जांच की प्रक्रिया
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे एक अनुशासित बल हैं और ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या आचरण संबंधी नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निलंबन के साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
