शिमला में फर्जी पत्र वायरल, प्रशासन ने दी कार्रवाई की चेतावनी
शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने का फर्जी पत्र
पत्र पर किए गए डीसी शिमला के हस्ताक्षर
Himachal Crime News: हिमाचल प्रदेश में मानसून के कारण भारी बारिश के चलते कई सड़कों का संपर्क टूट गया है। इस स्थिति में, स्थानीय प्रशासन ने समय-समय पर शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि, वर्तमान में बारिश का दौर थम चुका है और सभी शैक्षणिक संस्थान खुल गए हैं। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है।
इस पत्र में शिमला प्रशासन के नाम से शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। जिला प्रशासन ने इसे फर्जी और भ्रामक बताया है। वायरल पत्र में सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का उल्लेख किया गया है।
डीसी शिमला का बयान
पत्र पर डीसी शिमला और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन के हस्ताक्षर भी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पत्र को आधिकारिक आदेश नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी प्रकार के अवकाश या शिक्षण संस्थानों के बंद होने के आदेश केवल अधिकृत माध्यमों से जारी किए जाते हैं।
जिला प्रशासन ने जनता, छात्रों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों से अपील की है कि वे बिना सत्यापन के ऐसे पत्रों को सोशल मीडिया पर साझा न करें। किसी भी आदेश की पुष्टि संबंधित विभाग या जिला प्रशासन के आधिकारिक माध्यम से करें।
फर्जी दस्तावेजों पर सख्त कार्रवाई
फर्जी दस्तावेज तैयार करना और सरकारी अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग करना गंभीर अपराध है। ऐसे दस्तावेजों को फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीसी शिमला ने कहा कि ऐसे व्यक्तियों पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिमला जिले में वर्तमान में 13 सड़कों का संपर्क बाधित है। ठियोग में दो, रामपुर में आठ, चौपाल में दो और सुन्नी में एक सड़क बंद है। इसके अलावा, बिजली व्यवस्था में तीन डीटीआर प्रभावित हैं और 12 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित हैं।
