शिमला में मनीषा मित्तल की हत्या: वायरल वीडियो से उठे सवाल
मनीषा मित्तल की हत्या का नया खुलासा
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या के मामले में एक नया मोड़ आया है। घटना के गवाह सिक्योरिटी गार्ड यशपाल ने बताया कि दो नकाबपोश युवकों ने स्कूल के गेट के बाहर मनीषा पर फायरिंग की और फिर मौके से भाग गए।
घटना का विवरण
यशपाल के अनुसार, मनीषा मित्तल घटना से कुछ समय पहले लगभग 10-15 मिनट के लिए स्कूल परिसर से बाहर गई थीं। जब वह लौटकर गेट खोलने पहुंचीं, तभी बाहर खड़े युवकों ने उन पर गोलियां चलाईं। फायरिंग के बाद दोनों हमलावर तेजी से भाग गए। यशपाल ने बताया कि उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
मनीषा मित्तल की हत्या के बाद उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में मनीषा अपने भाई हिमांग और उसके साथी गोविंद से जान को खतरा होने की बात कहती नजर आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है और स्कूल के स्वामित्व को लेकर विवाद चल रहा है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
वीडियो के सामने आने के बाद शिमला पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। कई लोगों का मानना है कि यदि मनीषा की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद यह घटना टल सकती थी।
स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया
चौपाल से जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि देवभूमि हिमाचल में इस तरह का गन कल्चर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और मनीषा मित्तल की बेटी को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
पुलिस जांच जारी
शिमला निवासी अमित कोहली ने भी कहा कि मनीषा ने उनसे मुलाकात के दौरान अपने भाई और उसके सहयोगी से जान का खतरा होने की बात कही थी। उन्होंने पुलिस पर शिकायतों को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया। शनिवार शाम करीब 6 बजे मनीषा मित्तल की हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार
जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने मनीषा पर तीन राउंड फायरिंग की। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। घटना के लगभग 22 घंटे बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत और नाराजगी का माहौल है।
