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शिवसेना में टूट: सांसदों की पाला बदलने की कहानी और निधि खर्च का सच

शिवसेना (उद्धव बाला साहब) ठाकरे का संसदीय दल टूट गया है, जिसमें 6 सांसद एकनाथ शिंदे की पार्टी में शामिल हो गए हैं। सांसदों ने फंड की कमी का हवाला देते हुए पाला बदला है। महाराष्ट्र में सांसद निधि खर्च करने की स्थिति चिंताजनक है, जहां सांसदों ने केवल 13.37 प्रतिशत फंड ही खर्च किया है। जानिए इस बदलाव का असर और सांसदों के फंड खर्च का सच।
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शिवसेना में टूट: सांसदों की पाला बदलने की कहानी और निधि खर्च का सच

शिवसेना का संसदीय दल टूट गया

शिवसेना (उद्धव बाला साहब) ठाकरे का संसदीय दल अब बिखर चुका है। सोमवार को पार्टी के 9 में से 6 सांसद, जो दो तिहाई हैं, एकनाथ शिंदे की पार्टी में शामिल हो गए। इन नेताओं ने पाला बदलने के दौरान कई कारण बताए, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण यह था कि उन्हें काम के लिए फंड की कमी का सामना करना पड़ रहा था। पाला बदलने वाले सांसदों में से ओम प्रकाश राजे निंबालकर ने कहा कि उन्हें उद्धव ठाकरे से कोई समस्या नहीं है, लेकिन फंड की कमी के कारण वे मौजूदा सरकार के साथ जा रहे हैं। हालांकि, इन नेताओं ने स्पष्ट नहीं किया कि किस प्रकार के फंड की बात हो रही है।


सांसद निधि का महत्व

यह समझना आवश्यक है कि सांसद निधि का क्या महत्व है। प्रत्येक सांसद को हर साल 5 करोड़ रुपये का फंड मिलता है, जिसका मतलब है कि 5 साल में कुल 25 करोड़ रुपये। यदि इस साल 3 करोड़ रुपये खर्च हुए, तो अगले साल के लिए 2 करोड़ और मिलाकर कुल 7 करोड़ रुपये हो जाएंगे। सांसद इस राशि का उपयोग करने के लिए बताते हैं कि उन्हें क्या कार्य करवाना है, और स्थानीय जिलाधिकारी इसे लागू करते हैं।


महाराष्ट्र के सांसदों का फंड खर्च

महाराष्ट्र सांसद निधि खर्च करने के मामले में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 27वें स्थान पर है। लोकसभा और राज्यसभा के कुल 63 सांसदों ने केवल 15.40 प्रतिशत सांसद निधि खर्च की है। यदि केवल लोकसभा सांसदों की बात करें, तो उन्होंने 13.37 प्रतिशत फंड ही खर्च किया है।


फंड खर्च करने वाले सांसदों की सूची

संजय जाधव - परभणी के सांसद संजय जाधव को 2024 के बाद से 14.70 करोड़ का फंड मिला है, जिसमें से उन्होंने केवल 3.78 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
संजय देशमुख - यवतमाल वाशिम से सांसद संजय देशमुख ने 18.56 करोड़ में से केवल 1.42 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
नागेश पाटिल - हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल ने 19.02 करोड़ में से 5.06 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
भाऊसाहब वाकचौरे - शिरडी के सांसद ने 14.70 करोड़ में से केवल 71.30 लाख रुपये खर्च किए हैं।
संजय दीना पाटिल - मुंबई नॉर्थ ईस्ट के सांसद ने 14.70 करोड़ में से केवल 15.59 लाख रुपये खर्च किए हैं।
ओम प्रकाश राजे निंबालकर - उन्होंने 18.47 करोड़ में से केवल 1.97 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।


अन्य सांसदों का प्रदर्शन

शिवसेना (UBT) में बने रहने वाले सांसदों में से अरविंद सावंत ने 14.70 करोड़ में से 2.88 करोड़, अनिल देसाई ने 14.70 करोड़ में से 58.95 लाख और राजाभाऊ वाजे ने 15.28 करोड़ में से 2.13 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।


अन्य राज्यों के सांसदों की स्थिति

झारखंड के सांसद सुखदेव भगत ने 17.2 करोड़ में से 13.1 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उत्तर प्रदेश के सांसदों ने 39 प्रतिशत सांसद निधि खर्च की है, जबकि महाराष्ट्र में यह आंकड़ा केवल 13.4 प्रतिशत है।